दुनियाभर के करोड़ों कैंसर मरीज़ों के लिए अच्छी ख़बर है. वैज्ञानिकों ने कैंसर को ठीक करने के लिए Cowpox वायरस बनाया है.

'द डेली टेलीग्राफ़' के मुताबिक़, इस ट्रीटमेंट का नाम CF33 है, जो पेट्री डिश में मौजूद हर प्रकार के कैंसर को ख़त्म करने की क्षमता रखता है. ये ट्यूमर को सिकुड़ने में भी मदद करेगा.

वर्तमान में अमेरिका के कैंसर विशेषज्ञ प्रोफ़ेसर यमन फ़ोंग इस ट्रीटमेंट को परख रहे हैं, जिसे ऑस्ट्रेलिया की बायोटेक कंपनी Imugene द्वारा विकसित किया जा रहा है. उम्मीद की जा रही है कि अगले साल तक स्तन कैंसर के रोगियों व अन्य कैंसर पीड़ितों पर ट्रीटमेंट का परीक्षण किया जाएगा.

प्रोफ़ेसर फ़ोंग वर्तमान में इसके क्लीनिकल ट्रायल के सिलसिले में ऑस्ट्रेलिया गए हुए हैं. जल्द ही इसे दुनियाभर में भी ट्रायल के लिए भेजा जाएगा.

इस दौरान ट्रिपल नेगेटिव स्तन कैंसर, मेलेनोमा, फेफड़े के कैंसर, मूत्राशय, गैस्ट्रिक और आंत्र कैंसर के मरीज़ों के परीक्षण की 'बास्केट स्टडी' यानि की क्लीनिकल स्टडी की जाएगी.

हालांकि, सबसे पहले चूहों पर किए गए इस अध्ययन की सफ़लता इस बात को सुनिश्चित नहीं करती है कि वायरस मनुष्यों का इलाज करने में भी सक्षम होगा, लेकिन प्रोफ़ेसर फ़ोंग इसे लेकर सकारात्मक सोच रखते हैं, क्योंकि इस तरह के कई अन्य वायरस मनुष्यों में कैंसर से लड़ने में प्रभावी रहे हैं.

प्रोफ़ेसर फ़ोंग कहते हैं कि जो वायरस सामान्य सर्दी का कारण था, उसे बाद में अमेरिकी वैज्ञानिकों ने मस्तिष्क के कैंसर के इलाज में बदल दिया था.

प्रोफ़ेसर फ़ोंग आगे कहते हैं कि Cowpox जो 200 साल पहले लोगों को स्मालपॉक्स से सफ़लतापूर्वक बचाने में मददगार साबित हुआ था, अब हमने Cowpox को अन्य वायरस के साथ मिलाकर परीक्षण में पाया कि ये हर तरह के कैंसर को ख़त्म कर सकता है.