अक़्सर लोगों को ये लगता है कि स्पोर्ट्स वाली लड़कियां और महिलाएं धाकड़ होती हैं, रफ़ एंड टफ़ होती हैं. अगर किसी से निपटने की बात हो तो ये लड़कियां किसी को भी सबक सिखा दें. लेकिन क्या हो जब लड़कियों का कोच ही उनसे यौन शोषण करने पर उतर आए. घर, परिवार और गांव इस डर में हो कि इन लड़कियों की 'इज़्जत' और भविष्य का क्या होगा? लड़कियां कितनी भी लायक हों, मज़बूत हों लेकिन मुश्किलें इतनी बड़ी और पेचीदगी से भरीं हैं कि हर बार ऐसी घटनाओं को पढ़कर दिल ही बैठ जाता है.

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यौन शोषण की एक और चौंका देने वाली घटना हरियाणा से सामने आई है. दि प्रिंट की एक रिपोर्ट के मुताबिक, महिला अंडर 17 फ़ुटबॉल वर्ल्ड कप खेलने की दावेदार 8 लड़कियों का उनके ही कोच ने यौन शोषण किया.


हिसार से 35 किलोमीटर दूर स्थित सदलपुर गांव की एक लड़की और यहां से 5 किलोमीटर दूर स्थित चूली बागडियान गांव के एक लड़के के बीच हुई बातचीत का ऑडियो वायरल होने के बाद ये पूरा मामला सामने आया है.

रिपोर्ट के मुताबिक, मामले की जांच के शुरुआत में इस पूरे वाकये को कोच विनोद को बदनाम करने की साज़िश बताया गया. पूरे मामले में नया मोड़ तब आया जब 8 लड़कियों में से एक ने कोच के ख़िलाफ FIR दर्ज करवाई.

दि प्रिंट की रिपोर्ट के अनुसार, FIR में लिखा गया


'कोच की पीड़िता पर शुरू से ही ग़लत नज़र थी. प्रैक्टिस के बाद बहाने बनाकर वो लड़कियों को अपने घर बुलाता. एक बार जन्माष्टमी के दिन उसने सबको जागरण के बहाने देर रात तक रोककर अपने घर पर ही सुला लिया. जब सभी लड़कियां घर के ऊपर बने कमरे में सो गईं तो विनोद ने आकर पीड़िता का हाथ पकड़ लिया और उसे ले जाने की कोशिश की. पीड़िता ने मना कर दिया. ऐसा कई बार हो चुका था. पिछले साढ़े तीन साल से पीड़िता और गांव की अन्य लड़िकयां अपने ही गांव में मैदान बनवाकर ख़ुद ही प्रैक्टिस कर रही हैं.'

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मामले की जांच कर रहे थाना प्रभारी राजकुमार ने दि प्रिंट से हुई बातचीत में कहा,

3 जुलाई को कोच विनोद के ख़िलाफ़ दर्ज हुए FIR में POCSO Act लगाया गया है. अभी वो फ़रार है. 4 जुलाई को विनोद के परिवार के तरफ़ से काउंटर FIR दर्ज करवाई गई है. मामला दर्ज करवाने वाली महिला खिलाड़ी के पिता पर विनोद की 14 साल की बेटी के साथ छेड़छाड़ को लेकर POCSO Act के तहत FIR की गई है.

- राजकुमार

हिसार महिला पुलिस ने एक स्पेशल जांच टीम बनाई है, जो पूरे मामले की जांच करेगी.


विनोद को लेकर कई अन्य लड़कियों ने भी दि प्रिंट को चौंकाने वाली बातें बताईं. एक लड़की ने बताया कि कोच अपने पसंद की कुछ लड़कियों को अपने साथ कमरे में सुलाते थे और खांसी की दवाई के नाम पर नींद की दवाई देते थे.

गांववालों ने भी कोच पर उंगलियां उठाईं. दि प्रिंट से बातचीत में ब्लॉक समिति के एक सदस्य ने यहां तक कह दिया कि ये राम रहीम से कम मामला नहीं है. कोच के पास कोई डिग्री नहीं है और न ही वो नेशनल लेवल का खिलाड़ी रहा है.

एक अन्य सदस्य ने बताया,


‘लड़कियों के परिवार वाले तीन कारणों से मामले को दबा रहे हैं. पहला तो ये कि इसने लड़कियों की जन्म प्रमाण पत्र में धांधलेबाज़ी की हुई है. दूसरा, ये उनके सारे कागज़ अपने पास रखता है. और तीसरा इसके पास इन लड़कियों के वीडियोज़ हैं जिनके दम पर ये ऐंठ में है कि इसका कोई कुछ नहीं बिगाड़ पाएगा.’

विनोद से ही फ़ुटबॉल कोचिंग ले रही एक 14 वर्षीय लड़की के माता-पिता ने चिंता ज़ाहिर करते हुए दि प्रिंट से कहा,


'अगर लड़कियों की बात को कोर्ट तक ले जाना चाहे तो किसी के पास कोई सुबूत नहीं है. 3 साल पहले की गई हरकत का कोई क्या सबूत देगा? अगर ये वहां से छूट गया तो बच्चियों की ज़िन्दगी बर्बाद है. इनकी शादी भी करनी है इसलिए ज़्यादातार मां-बाप कह रहे हैं कि कोच न कुछ नहीं किया और हमारी बेटी सोने की तरह पवित्र है.'

विनोद की पत्नी ने सभी आरोपों को बकवास और झूठा बताया है.

इस पूरे मामले की वजह से कई खिलाड़ी लड़कियों के भविष्य पर अंधेरा छा गया है. माता-पिता पहले से ही लड़कियों के खेलने पर ना-नुकर करते हैं और इस मामले के बाद तो अब और ज़्यादा सोचेंगे. हरियाणा सरकार को लड़कियों के लिए महिला कोच की व्यवस्था करनी चाहिए थी पर उन्होंने इस पर ध्यान देना ज़रूरी नहीं समझा.