कोरोना वायरस के ख़िलाफ़ पूरा देश मिलकर जंग लड़ रहा है. संक्रमण तेज़ी से न फैले इसके लिए सरकार ने 3 मई तक देशव्यापी लॉकडाउन कर रखा है. ऐसे में सिक्किम ने भी ऐहतियातन अक्टूबर तक राज्य में पर्यटकों के आने पर रोक लगा दी है. सिक्किम सरकार की तरफ़ से कहा गया है कि ये कदम कोरोना को राज्य में दाख़िल होने से रोकने के लिए उठाया गया है.   

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इस छोटे से हिमालयन राज्य की आबादी महज़ सात लाख है. सिक्किम ही एकमात्र राज्य है, जहां कोरोना वायरस का अब तक कोई भी मामला सामने नहीं आया है. नागालैंड में भी संक्रमण का महज़ एक केस था, लेकिन संक्रमित मरीज़ को असम ट्रांसफ़र करने बाद यहां भी अब कोई नया केस सामने नहीं आया.  

जबकि सिक्किम में अभी तक कोई Covid-19 मामले का पता नहीं चला है, राज्य को टेस्टिंग तेज़ करने की ज़रूरत है. राज्य से Covid-19 परीक्षण के लिए सिर्फ़ 81 नमूने ही भेजे गए हैं, जिनके रिज़ल्ट निगेटिव आए हैं.  

Indiatoday की रिपोर्ट के मुताबिक़, सिक्किम के राज्यपाल गंगा प्रसाद ने बताया, ‘सिक्किम में अक्टूबर तक सभी पर्यटक गतिविधियां बंद रहेंगी. ये फ़ैसला हमें अपने सात लाख लोगों के हित में लेना होगा. हमने सभी प्रवासी कामगारों को यहां रखा है और हम उन्हें भोजन भी दे रहे हैं और हर दिन उनका भुगतान भी कर रहे हैं. हमें पता है कि लॉकडाउन हटने के तुरंत बाद हमें उनकी मदद की आवश्यकता होगी.’  

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राज्यपाल ने कहा, ‘सिक्किम के कई छात्र चीन में पढ़ रहे थे. वे सभी जनवरी में ही वापस आ गए थे. उसके बाद, हमने अपनी सीमा को बंद कर दिया और किसी को भी अंदर जाने की अनुमति नहीं दी. यहां तक कि जनता कर्फ़्यू से पहले ही हमने राज्यव्यापी तालाबंदी को 17 मार्च से आगे बढ़ा दिया था.’  

उन्होंने कहा कि वापस लौटे छात्रों को क्वारंटीन में रखा गया था और उन्हें घर तब ही जाने दिया गया था, जब ये कंफ़र्म हो गया कि वो वायरस की चपेट में नहीं आए हैं. ‘हम केंद्र सरकार और स्थानीय प्रशासन के साथ मिलकर काम कर रहे हैं.’  

मुख्यमंत्री पीएस गोले ने राज्यपाल के साथ तीन बैठकें की हैं और राज्य सरकार केंद्र के साथ लगातार संपर्क बनाए हुए है. प्रशासन ने पंचायत और ब्लॉक स्तर की टीमों का गठन किया है जो पूरे राज्य में आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति की निगरानी कर रहे हैं.