बीते रविवार को नेशनल गर्ल चाइल्ड डे (राष्ट्रीय बालिका दिवस) के अवसर पर उत्तराखंड में एक बेहद अनोखी पहल दिखी. 

The Indian Express की रिपोर्ट के अनुसार, उत्तराखंड में 1 दिन के लिए एक 19 वर्षीय युवती को मुख्यमंत्री बनाया गया. एकदम नायक फ़िल्म के प्लॉट जैसी थी ये पहल. हालांकि वो रील लाइफ़ थी और सृष्टि गोस्वामी के रियल लाइफ़ की घटना है.  

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सृष्टि 4 घंटे के लिए मुख्यमंत्री पद पर रही और रिव्यू मीटिंग के दौरान उसने अधिकारियों को बाल शोषण पर और किसी भी प्राकृतिक आपदा के बाद महिलाओं के निजता के हनन को रोकने के लिए कहा. 

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मुख्यमंत्री को देश के सबसे लंबे Motorable Single-Lane पुल (जो की टिहरी झील के ऊपर बना है) का प्रेज़ेंटेशन दिखाया गया. अधिकारियों को पुल की मरम्मत करने का निर्देश देने के साथ ही सृष्टि ने सरकार के सामने कुछ सुझाव भी रखे. 

Source: The Indian Express

NDTV से बात-चीत में सृष्टि के माता-पिता ने ख़ुशी ज़ाहिर की. इसके साथ ही उन्होंने कहा कि उन्हें अपनी बेटी पर गर्व है और उनकी बेटी हर मक़ाम हासिल कर सकती है. सृष्टि के माता-पिता ने सरकार का भी शुक्रिया अदा किया.   

हरिद्वार के दौलतापुर गांव की रहने वाली सृष्टि के पिता की राशन की दुकान है और उसकी मां आंगनवाड़ी वर्कर है. इससे पहले सृष्टि बाल विधान सभा में 3 साल तक मुख्यमंत्री चुनी गई थी. 

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स्टेट कमिशन फ़ॉर प्रोटेक्शन ऑफ़ चाइल्ड राइट्स की चेयरपर्सन उषा नेगी ने बताया कि अनिल कपूर की नायक से ही ये आईडिया आया. महिला सशक्तिकरण का संदेश देने के लिए ये निर्णय लिया गया.