सनी देओल फ़िल्मों में 16-16 गोलियां खा लेते थे, फ़ौजी बन कर दुश्मन खेमे में टैंक फेंक देते थे, हैंडपंप उखाड़ लेते थे. 90s में फ़िल्में देखने वाले हर बन्दे को लगता था कि सनी देओल के पास सुपर पावर्स हैं. फिर वो MP बन गए.

MP बनते ही उन्होंने सबसे पहले अपने लिए एक सूरमा चुन लिया. ये सूरमा अब सनी देओल की जगह काम करेगा. मतलब स्टैम्प सनी की ही रहेगी लेकिन मीटिंग में जाना, लोगों से मिलना, अपने क्षेत्र की परेशानियां सुनना, ये काम गुरप्रीत सिंह पल्हेरी करेंगे.

इसमें लिखा है, 'मैं गुरप्रीत सिंह पल्हेरी को मीटिंग में हिस्सा लेने और गुरदासपुर के सभी कार्य करने के लिए अपना Representative घोषित कर रहा हूं.'

अपने लेटरहेड पर गुरदासपुर से बीजेपी MP सनी देओल ने गुरप्रीत को अपना Representative बना दिया.

जनता ने जिसे अपनी परेशानियों के लिए MP बनाया था, वो अगर ये काम किसी और को सौंप दे, तो गुस्सा तो आना ही था. ट्विटर पर जनता का गुस्सा कुछ यूं फूटा:

हल्ला मचने के बाद पल्हेरी ने भी जवाब दिया:

हम गुरदासपुर में 24*7 हैं. वहां हमारे ऑफ़िस भी हैं. सनी देओल ने पूरे प्लान के तहत ये फ़ैसला लिया है ताकि हम गुरदासपुर के लोगों के लिए हमेशा Available रहें. ये अपॉइंटमेंट लोकल मुद्दों के लिए है. ये मानना ग़लत होगा कि वो अपनी ज़िम्मेदारी से भाग रहे हैं. वो अपने क्षेत्र में आते-जाते रहेंगे और काम भी करेंगे. इसके लिए उन्होंने एक टीम का गठन किया है और हम सभी उसका हिस्सा हैं. मैं अकेला नहीं हूं. उस लेटर तूल देना सही नहीं है. इसका सर अर्थ ये है कि गुरदासपुर में ग्राउंड वर्कर हर किसी के लिए Available हैं.

वैसे पल्हेरी को इस काम के लिए सरकारी गाड़ी और प्रोटेक्शन भी दी गयी है.