भारत की टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज़ (TCS) दुनिया की सबसे अधिक मूल्य वाली आईटी कंपनी बन गई है. TCS का बाज़ार मूल्य 169.3 अरब डॉलर के स्तर पर पहुंच गया है. TCS की सफ़लता के पीछे उसकी तेज़ और लगातार बनी ग्रोथ है. चालू वर्ष की तीसरी तिमाही में कंपनी ने 8,701 करोड़ रुपये का शुद्ध लाभ अर्जित किया है.

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इसी सेग्मेंट में पहले अमेरिका की दिग्गज Accenture सबसे बड़ी कंपनी थी. न्यूयॉर्क स्टॉक एक्सचेंज में सोमवार सुबह के कारोबार में TCS की प्रतियोगी Accenture का मूल्य 1.6 फ़ीसदी गिरावट के बाद 165.7 अरब डॉलर रह गया है. हालांकि, ये पहली बार नहीं है, जब TCS ने Accenture को पीछे छोड़ा हो, इसके पहले 2018 और 2019 में भी ऐसा हो चुका है.

इसी के साथ TCS पिछले 11 महीने से शीर्ष पर रही रिलायंस इंडस्ट्रीज़ को पछाड़कर भारत की सबसे बड़ी कंपनी बनने में भी कामयाब रही है. व्यापार बंद होने के बाद TCS का BSE पर बाज़ार मूल्यांकन 12,34,609.62 करोड़ रुपये और Reliance Industries Ltd (RIL) का 12,29,661.32 करोड़ रुपये रहा. इसके अलावा, BSE पर RIL के शेयर 5.36 प्रतिशत गिरकर 1,939.70 रुपये पर बंद हुए.

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इस सेग्मेंट की अन्य दिग्गज कंपनियों SAP की बाज़ार हिस्सेदारी 156 बिलियन डॉलर, IBM की 105 अरब डॉलर और बेंगलुरु की Infosys 77 अरब डॉलर रही. वहीं, Cognizant 42 अरब डॉलर और विप्रो का 33 अरब डॉलर मार्केट वैल्यूएशन है.

भले ही TCS सबसे मूल्यवान आईटी कंपनी है, लेकिन ये अभी भी सॉफ्टवेयर उद्योग में इन कंपनियों से काफ़ी पीछे है. माइक्रोसॉफ्ट का बाज़ार मूल्य 1.7 ट्रिलियन और Oracle 177 बिलियन डॉलर है.