Junk Foods
Source: waterfordwhispersnews

इंग्लैंड के Bristol शहर में एक 19 साल के लड़के की आंखों की रौशनी और सुनने की क्षमता इसलिए हमेशा के लिए चली गई क्योंकि वो हमेशा चिप्स, बर्गर, पिज़्ज़ा खाता रहता था.

The Guardian के अनुसार, बहुत छोटी उम्र में बच्चे को बाहर के खानों का चस्का लग गया था. सब्ज़ियां, फल, दूध आदि उसके ज़ुबान पर नहीं चढ़ते थे. अपने आहार से उसे किसी प्रकार का न्यूट्रिशन नहीं मिल पाता था, इसकी वजह से उसे Nutritional Optic Neuropathy हुआ.

हालांकि ये एक लाइलाज़ बिमारी नहीं है, किंतु इस लड़के के मामले में बिमारी इतनी बढ़ चुकी थी कि उसका इलाज़ संभव न था. उसके ऑप्टिक नर्व्स पूरी तरह से ख़राब हो गए थे.

उसकी मां का कहना है कि सात साल की उम्र से ही उसे जंक फ़ूड्स खाने की आदत लग गई थी. घर से ले गया लंच वो स्कूल से बिना खाए वापस ले आता था. बाहर का खाना खा कर भी वो हमेशा पतला रहता था. हमे लगता था जंक फ़ूड का मोटापे से रिश्ता होता है, इसलिए हम ज़्यादा चिंतित नहीं थे.

उसकी मां का कहना है कि सात साल की उम्र से ही उसे जंक फ़ूड्स खाने की आदत लग गई थी. घर से ले गया लंच वो स्कूल से बिना खाए वापस ले आता था. बाहर का खाना खा कर भी वो हमेशा पतला रहता था. हमे लगता था जंक फ़ूड का मोटापे से रिश्ता होता है, इसलिए हम ज़्यादा चिंतित नहीं थे.

14 साल की उम्र पर उसकी आंखों पर असर पड़ना शुरू हो गया था और आज वो पूरी तरह से अंधा हो चुका है. इसकी वजह से पढ़ाई बीच में ही छूट गई. वो अब विटामिन सप्लिमेंट लेता ज़रूर है लेकिन खाने बाहर के खाने में कमी नहीं आई है.