हमारे देश में बहादुरी का प्रदर्शन करने वाले बच्चों का हर साल गणतंत्र दिवस के मौके पर सम्मानित किया जाता है. ऐसे बच्चों की मिसाल भी दी जाती है. एक ऐसा ही किस्सा पुणे से सामने आया है, जिसमें एक 13 साल के लड़के ने अदम्य साहस का परिचय देते हुए अपहरणकर्ताओं को चकमा दिया और वहां से भागने में कामयाब हुआ.

ये घटना बीते रविवार शाम की है, जब 13 साल के एक बहादुर किशोर, जो पुणे में रहता है को किडनैप किया गया. इस लड़के को 2 आदमियों ने जबरदस्ती एक ऑटोरिक्शा में बैठाया और पुणे रेलवे स्टेशन ले गए, लेकिन ये लड़का उन किडनैपर्स को चकमा देकर वहां से अपनी जान बचाने के लिए भाग निकला और मुंबई जाने वाली एक ट्रेन में चढ़ गया.

इस लड़के का नाम Burhan Latiwala है. अपराधियों ने घटना को तब अंजाम दिया जब बुहरान एक होटल से फ़ूड पार्सल लेने जा रहा था. पुलिस के अनुसार, जब बुहरान कोंडवा स्थित अपने घर से होटल की तरफ जा रहा था, तब अचानक से 2 आदमी एक ऑटोरिक्शा से निकले और उसको दबोच लिया फिर उसे ऑटो में डालकर वहां से भाग निकले. बुरहान के चाचा, कुतुबदीन समीरभाई मक्दा ने बताया, उन दोनों ने उसके मुंह में कपड़ा ठूंस दिया था ताकि वो बोल ना पाए और फिर रेलवे स्टेशन की तरफ भाग गए थे.

RPF के एक अधिकारी ने बताया कि स्टेशन पहुंचकर बुहरान ने किडनैपर को तेज़ से धक्का मारा और भीड़ की तरफ भाग निकला. उसके बाद वो पुणे-जोधपुर एक्सप्रेस ट्रेन में चढ़ गया, वो ट्रेन बस स्टेशन से चलने ही वाली थी. बुहरान भागते हुए S-9 नंबर की बोगी में चढ़ गया और उसमें बैठे एक यात्री से उसका मोबाइल फ़ोन देने का आग्रह किया. उसके बाद उसने अपने पापा को कॉल किया और पूरी घटना के बारे में बताया. क्योंकि ट्रेन स्टेशन से निकला चुकी थी इसलिए उसके पापा ने उसको वसई स्टेशन पर उतरने की निर्देश दिए, ताकि मुंबई में रहने वाली उसके अंकल उसको वहां से अपने साथ सुरक्षित घर ले जाएं.

बुहरान का चाचा

वहीं घटना की जानकारी मिलते ही बुहरान के चाचा सैफ़ुद्दीन सैफ़ी और मक्दा वसई स्टेशन पहुंच गए और ट्रेन का इंतज़ार करने लगे. सैफ़ुद्दीन ने बताया कि जैसे ही बुहरान के पापा ने हमको कॉल किया हम तुरंत ही स्टेशन पहुंच गए और RPF पुलिस की मदद से बुहरान को सुरक्षित बचा लिया. इसके साथ ही हम बच्चे की मदद करने के लिए बोगी के यात्रियों का भी शुक्रिया अदा किया.

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वसई स्टेशन पर RPF पुलिस ने इस केस का पंचनामा फाइल किया है. RPF पुलिस ने कहा कि बीते सोमवार को रात डेढ़ बजे को हमने बच्चे का स्टेटमेंट ले लिया और उसके पापा से बात करने के बाद बच्चे को उसके अंकल को सौंप दिया. हालांकि, पुलिस मामले की जांच कर रही है.

वाकई इस 13 साल के बच्चे ने जिस सूझ-बूझ और समझदारी से उन किडनैपर्स को चकमा देकर अपनी जान बचाई, वो काबिले तारीफ़ है. इस बच्चे को हमारा सलाम.