फ़िल्मों में अक़्सर हमने ऐसे ठग देखें हैं, जो पलक झपकते ही किसी को भी चूना लगा देते हैं. ऐसे सीन्स पर हम लोग जबर मौज भी लेते हैं. मार उचक-उचक कर कुर्सी हिला डालते. लेकिन हक़ीक़त में कोई भी इनके पल्ले नहीं पड़ना चाहता. पर गुरू सिर्फ़ चाहने से ही सबकुछ होता तो फिर क्या ही था. फूटा नसीब भी तो कोई चीज़ होता है.

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अब उत्तर प्रदेश के सीतापुर जिले के मथुरा गांव वालों और यहां पूजा करने आए 60 पुजारियों को ही ले लीजिए. इन लोगों को एक बंटी-बबली टाइप कपल ने तगड़ा चूना लगा दिया.

दरअसल, गीता पाठक और उसके गुलासी राम ने एक दंपति ने अपने आश्रम गीता निवास में एक 'छिपा खज़ाना' खोजने के लिए मैराथन पूजा रखी. 14 दिन तक चलने वाली इस पूजा के लिए 60 पुजारियों को बुलाया गया और गांव वालों से इस दंपित ने दान भी एकत्र कर लिया.

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अनुष्ठान ख़त्म होने के बाद गीता ने पुजारियों को दक्षिणा के तौर पर एक कपड़े का थैला दिया और उन्हें बाद में इसे खोलने के लिए कहा. लेकिन जो पुजारी छिपे खज़ाने के लिए पूजा करने आए थे, वो अपने हाथ में रखे थैले के अंदर का मामला नहीं भांप पाए. थैला खुला तो अंदर ज़्यादातर नोट नकली थे. उन पर रिज़र्व बैंक की जगह भारतीय मनोरंजन बैंक लिखा था.

कांड को अंजाम देकर ये ठग दंपति वहां से चंपत हो लिया. जिसके बाद दिलीप कुमार पाठक नाम के एक पुजारी ने पुलिस को इस मामले की सूचना दी. पुलिस मामले की जांच कर रही है.

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बता दें, ये पहली बार नहीं है, जब इन लोगों ने पुजारियों के साथ ठगी की हो. ये पहले भी कई बार ऐसा कर चुके हैं. Times Now की रिपोर्ट के मुताबिक, पुलिस की तफ़्तीश में ये बात सामने आई है कि ये ठग दंपति साल 2013 से तीन अन्य सहयोगियों के साथ मिलकर इस तरह के कारनामों को अंजाम दे रहा है. दिलचस्प बात ये है कि ये लोग हर बार सेम रणनीति अपनाते थे और बच निकलते थे.

रामपुर मथुरा के एसएचओ एसके मिश्रा ने बताया कि, ‘गीता का पति और उसका सहयोगियों ने पूजा के लिए पुजारियों को आमंत्रित किया और स्थानीय ग्रामीणों से दान लिया.’ फिर उन्होंने पुजारियों से पूजा करने के लिए कहा, जिसके बाद उन्हें नकली नोट दक्षिणा के तौर पर सौंप दिए. इसके पहले उन्होंने पहले गोंडा और कुशीनगर के पुजारियों को निशाना बनाया था.

बता दें, आरोपी दंपति को 28 अगस्त को सीतापुर से गिरफ़्तार कर लिया गया था.