दुनियाभर में कोरोना महामारी का क़हर जारी है. इसकी वैक्सीन बनाने पर अमेरिका, चीन, रूस, इटली, ब्रिटेन और भारत सहित कई अन्य देश काम कर रहे हैं. हालांकि, अमेरिका, ब्रिटेन और रूस ने वैक्सीन बनाने का दावा किया है.  

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इस बीच ब्रिटेन 'Pfizer-BioNTechs' वैक्सीन को कोरोना वैक्सीन के रूप में मंजूरी देने वाला दुनिया का पहला देश भी बन गया है. ये वैक्सीन अगले सप्ताह से पूरे ब्रिटेन में इस्तेमाल की जाने लगेगी. कंपनी ने Pfizer वैक्सीन को 90 फ़ीसदी तक कामयाब बताया है.  

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मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक़, ब्रिटिश सरकार ने 'इंडिपेंडेंट मेडिसिन्स एंड हेल्थकेयर प्रोडक्ट्स रेगुलेटरी एजेंसी' (MHRA) की सिफ़ारिश को स्वीकार कर लिया है, ताकि 'Pfizer-BioNTechs' को 'कोविड-19' वैक्सीन के तौर पर इस्तेमाल करने की मंज़ूरी मिल सके. 

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ब्रिटेन के हेल्थ सेक्रेटरी Matt Hancock ने बताया कि, ब्रिटेन में Pfizer वैक्सीन अगले हफ़्ते से इस्तेमाल की जाने लगेगी. ये हम सभी के लिए एक बेहद सुखद ख़बर है.  

भारत में कब तक आएगी 'Pfizer' वैक्सीन? 

इस वैक्सीन को भारत आने में समय लग सकता है. भारत के पास इसे स्टोर करने के पर्याप्त साधन नहीं हैं. क्योंकि इस वैक्सीन को शून्य से 75 डिग्री सेल्सियस नीचे रखना पड़ता है और इसे फ़्रिज़ में 5 दिनों के लिए ही रखा जा सकता है. हालांकि, 'भारत बायोटेक' समेत कई भारतीय कंपनियां कोरोना वैक्सीन के तीसरे ट्रायल तक पहुंच चुकी हैं.  

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अमेरिका बना चुका है 'Moderna' वैक्सीन  

दुनिया में कोरोना से सबसे अधिक प्रभावित अमेरिका कई वैक्सीन पर एक साथ काम कर रहा है. इस बीच अमेरिकी बायोटेक कंपनी मॉडर्ना (Moderna) का दावा है कि उनकी वैक्सीन कोरोना महामारी के ख़िलाफ़ सुरक्षा देने में 94.5 फ़ीसदी तक कामयाब है.