बीते दिनों मध्य प्रदेश से एक बड़ा ही दिल दहला देने वाला वीडियो सामने आया था, जिसमें नगर निगम के कर्मचारी फुटपाथ और सड़कों पर रह रहे बेसराहा बुजुर्गों को शहर के बाहर हाईवे पर छोड़ते नज़र आ रहे थे. इस वीडियो के बाहर आने के बाद सड़कों से लेकर सोशल मीडिया तक लोगों का आक्रोश देखने को मिला था.

हालांकि, आपको ये जानकर हैरानी होगी कि इस शर्मसार कर देने वाली घटना ने एक घर में ख़ुशियां भी लौटा दी हैं. जी हां, ये सुनने में भले ही अजीब लगे, मग़र ये सच है. इस घटना की वजह से एक महिला को उसका गुमशुदा पति मिल गया है. 

दरअसल, मानसिक रूप से परेशान चल रहे 50 वर्षीय अनिल सालवी ने पिछले महीने अपना घर छोड़ दिया था. उनकी पत्नी पुष्पा सालवी ने उन्हें बहुत तलाश किया, लेकिन वो कहीं नहीं मिले. मग़र 29 जनवरी को उन्होंने इस वायरल वीडियो के ज़रिए सड़क पर बैठे अपने पति को पहचान लिया.

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पुष्पा सालवी ने मीडिया को बताया, मैंने चंदन नगर पुलिस थाने में उसकी गुमशुदगी भी लिखाई थी. उन्होंने कहा कि 29 जनवरी को सोशल मीडिया पर चल रहे वीडियो व फोटो को देखकर मैंने अपने पति को पहचान लिया. इसी बीच, किसी व्यक्ति ने अचानक फोन कर बताया कि मेरे पति निपानिया इलाके में सड़क पर बैठे हैं.

इसके बाद पुष्पा तुरंत ऑटो रिक्शा से मौके पर पहुंची, जहां उन्हें उनके पति मिल गए. पुष्पा ने कहा कि मेरे पति के आसपास 5 से 7 और बुज़ुर्ग भी बैठे थे. उन्होंने बताया कि सबसे पहले वो अपने पति को मानसिक असपताल ले गईं, जहां डॉक्टरों से दवाई लेने के बाद वो 29 जनवरी की शाम को घर पहुंची.

भले ही एक महिला को महीनेभर बाद उसका गुमशुदा पति मिल गया हो, लेकिन फिर भी निगम कर्मचारियों की घटिया करतूत को भूला नहीं जा सकता है. ये सच्चाई है कि इंदौर प्रशासन ने बेसहारा बुज़ुर्गों के प्रति संवेदनहीनता दिखाई थी. यही वजह है कि मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने ज़िम्मेदार नगर निगम उपायुक्त सहित दो कर्मचारियों को तत्काल प्रभाव से निलंबित करने का निर्देश दिया था और साथ भी बुजुर्गों की देखभाल करने के भी निर्देश जारी किए हैं.