महंगाई के दौर में 20 रुपये में खाने को क्या मिलता है? सवाल बड़ा है और सोचने वाला है. हांलाकि, इसे बारे में तिरुवनंतपुरम के लोगों को सोचने की ज़रूरत नहीं है. इस शहर में प्रोजेक्ट शुरू हुआ है, जिसके तहत 20 रुपये में लोगों को खिलाया जा रहा है. अच्छी बात ये है कि ‘जनकिया' का संचालन कुडुम्‍बश्री की महिलाओं द्वारा किया जा रहा है. रिपोर्ट के मुताबिक, होटल रोज़ाना लगभग 70,000 लोगों को 20 रुपये में भोजन कराता है.

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ये होटल उन डेली कारीगरों के लिये काफ़ी फ़ायदेमंद है, जो कोरोना से संक्रमित हो चुके हैं. कुडुम्‍बश्री गरीबी उन्मूलन मिशन, महिला सशक्तीकरण का एक सफ़ल उदाहरण पेश करता है. लॉकडाउन के दौरान जब कई लोग भोजन के संकट से गुजर रहे थे. तब कुडुम्‍बश्री स्वयंसेवियों द्वारा होटलों के जरिए ज़रूरतमंदों को 20 रुपये में खाना उपलब्ध कराया गया.  

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इसके कार्यकारी निदेशक एस हरिकिशोर का कहना है कि कोरोना महामारी के बीच किफ़ायती होटल्स की संख्या 700 के पार पहुंच गई थी. ये मिशन के लिये एक ऐतिहासिक उपलब्धि थी. बता दें कि 'जनकिया' की स्थापना एलडीएफ सरकार के ‘भूख मुक्त केरल’ परियोजना के तहत हुई है. होटल ने साबित कर दिया है कि महामारी के दौर में लोगों को क्वालिटी फ़ूड दिया जा सकता है.

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बता दें कि 2020-21 राज्य बजट पेश करते समय वित्त मंत्री टी एम थॉमस इसाक ने कहा था कि सरकार द्वारा आम जनता के लिये एक हज़ार होटल खोले जाएंगे. ये होटल किफ़ायती दरों पर लोगों को भोजन मुहैया कराएंगे.