19 मई को चुनाव समाप्त हो गए, 23 मई को वोटों की गिनती हो जाएगी. इसके साथ ही भारतीय लोकतंत्र में एक नया अध्याय जुड़ जाएगा और लिखी जाएगी एक नई कहानी.  

इस चुनाव में ऐसा बहुत कुछ हुआ, जिसके बारे में कहा जा सकता है कि ऐसा पहले कभी नहीं हुआ.  

देखते हैं देश के 17वीं लोकसभा के लिए हुए आम चुनाव में क्या बातें ख़ास थी:

1. इस चुनाव में सभी मतदान केंद्रों पर EVM मशीन के साथ VVPAT मशीन लगी थी, VVPAT में मतदाता एक पर्ची पर अपने वोट को देख सकता है. ये व्यवस्था पहले सत प्रतिशत रूप से लागू नहीं थी.

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2. महिला मतदाताओं में इज़ाफ़ा दर्ज किया गया, कुल 13 राज्य और केंद्र शासित राज्यों में महिला मतदाताओं की संख्या पुरुषों से ज़्यादा थी, 2014 के चुनाव में 10 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में महिला मतदाता पुरुषों से ज़्यादा थी

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3. 17वें आम चुनाव का कुल ख़र्च 630 अरब रुपये यानी 9 अरब डॉलर हुआ. ये इतिहास का सबसे महंगा चुनाव है. 2016 में अमरिका के चुनाव में 6.5 अरब डॉलर ख़र्च हुए थे.

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4. कई विरोधी पार्टियों के आरोप की वजह से चुनाव आयोग ने इस बार सभी EVM मशीनों में GPS लगाया.

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5. चुनाव में महिलाओं की भागीदरी बढ़ाने के लिए चुनाव आयोग ने सभी चुनावी क्षेत्रों में ‘सखी मतदान केंद्र’ तैयार किए, जिसके तहत मतदान केंद्र को पूर्ण रूप से महिलाओं ने संचालित किया और उसकी सुरक्षा में भी महिला पुलिस अधिकारी ही लगी थी.

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6. सोशल मीडिया ने आम चुनाव में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई. ट्रांस्पैरेंसी को बढ़ावा देने के लिए सोशल मीडिया राजनैतिक पार्टियों द्वारा चलाए गए विज्ञापनों को प्राइवेट कर रख रहा था.

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अब देखना होगा 23 मई को क्या होता है, जिसे देश पहली बार देखेगा.