कोरोना वायरस और उसके चलते हुए लॉकडाउन ने सभी को परेशान कर दिया है. लेकिन सबसे ज़्यादा प्रवासी मज़दूर प्रभावित हुए हैं. घर से दूर बिना रोज़गार ये दिहाड़ी मज़दूर एक-एक पैसे के लिए मोहताज़ हो गए हैं. ऐसे में तमिलनाडु में एक 85 साल की दादी हैं, जो महज़ 1 रुपये में इन बेसहारा मज़दूरों का पेट भरने का काम कर रही हैं. 

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85 साल की कमलाथल पिछले 30 सालों से सिर्फ़ एक रुपये में लोगों को इडली खिलाती आ रही हैं और लॉकडाउन के इस मुश्क़िल समय में भी वो इसे जारी रखे हुए हैं. कई लोग कच्चे माल के साथ उनकी मदद करने के लिए भी आगे आ रहे हैं ताकि वो सांभर को किफ़ायती कीमतों पर बना सकें. 

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IndiaToday से बातचीत के दौरान उन्होंने बताया कि वो इडली की कीमतों में बढ़ोतरी नहीं करेंगी. 

‘कोरोना के चलते हालात बेहद मुश्क़िल हो गए हैं. लेकिन मैं इडली 1 रुपये में देने की पूरी कोशिश कर रही हूं. कई प्रवासी मज़दूर फंस गए हैं और बहुत से आते जा रहे हैं. कुछ लोग हैं, जो मेरी मदद कर रहे हैं. वो मुझे ज़रूरी सामान मुहैया करा रहे हैं और उससे मैं 1 रुपये में इडली बना रही हूं.’ 

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पिछले साल जब लोगों को उनकी कहानी पता चली कि वो इतने कम दाम पर लोगों इडली-सांभर खिला रही हैं तो, सोशल मीडिया पर वो हर जगह वायरल हो गईं थीं. 

ऐसे कठिन हालात में भी उन्होंने लोगों की सेवा जारी रखी है, जिसे देखकर सोशल मीडिया पर लोग उनकी जमकर तारीफ़ कर रहे हैं. 

वैसे भी पैसा कमाना कभी उनका मक़सद रहा ही नहीं, वो तो बस ज़रूरतमंदों की मदद और सेवा करना चाहती हैं. काश सब इस प्यारी दादी की तरह ही होते!