मध्य प्रदेश के सीधी जिले में 60 से ज़्यादा लोगों को लेकर सतना जा रही बस मंगलवार को बाणसागर नहर में गिर गई. इस हादसे में सिर्फ़ 7 लोगों की जान बचाई जा सकी है. इस बीच एक 18 वर्षीय लड़की की बहादुरी की चर्चा हर तरफ़ हो रही है, जिसने नहर में छलांग लगाकर दो लोगों की जान बचाई है.   

Source: indiatimes

दरअसल, सरदा गांव की एक छात्रा शिवरानी लूनिया ने जब बस को नहर में डूबते देखा, तो उसने तुरंत पानी में छलांग लगा दी. सबसे पहले उसे पानी में एक महिला दिखी, जिसे वो खींचकर बाहर ले आई. इसके बाद वो वापस से 40 फीट गहरी नहर में कूद गई और एक दूसरे शख़्स को भी बाहर लाकर उसकी जान बचा ली.  

इस लड़की की बहादुरी की तारीफ़ ख़ुद राज्य के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने की है. उन्होंने ट्वीट कर लिखा, ‘बेटी शिवरानी के साहस को प्रणाम करता हूं. अपनी जान की परवाह न करते हुए इस बेटी ने सीधी में घटनास्थल पर नहर में छलांग लगाकर दो नागरिकों की जान बचाई है. मैं बेटी को धन्यवाद देता हूं. पूरे प्रदेश को आप पर गर्व है.’  

रिपोर्ट्स के मुताबिक, इस हादसे में 49 लोगों की अब तक मौत हो चुकी है. मंगलवार को 20 औरतों और दो बच्चों समेत 47 लाशों को बरामद किया गया था. वहीं, बुधवार को दो और बॉडी मिली हैं.   

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बतौर पुलिस, दोनों शवों में से एक रीवा जिले से सटे गोविंदगढ़ पुलिस थाना सीमा के अंतर्गत आने वाली नहर के एक हिस्से से बरामद हुआ, जो दुर्घटनास्थल से लगभग 10 किमी दूर था.   

बता दें, अभी पांच और लोगों के लापता होने की आशंका है. ऐसे में नहर के 25 किमी. एरिया में सर्च ऑपरेशन जारी है. अधिकारियों ने बताया कि NDRF, SDRF और पांच जिलों के स्थानीय अधिकारियों समेत लगभग 600 कर्मी मंगलवार सुबह से बचाव अभियान में लगे हुए हैं.