कोरोना वायरस के कारण दुनियाभर के देशों में लॉकडाउन है. लोग घरों में बंद हैं, लेकिन दुनियादारी अभी भी आज़ाद है. जो बेचारे नौकरी कर रहे, उन्हें वर्क फ़्रॉम होम की चटनी चटा दी गई. जो अभी भी पढ़ाई कर रहे, वो वर्चुअल क्लासेज़ के झमेले का शिक़ार हैं. अब भले ही दूरियां नज़दीकियों का एहसास कराती हों, लेकिन गणित के मुश्क़िल सवालों का जवाब तो नहीं दिलाती नहीं.

Source: edutopia

कुछ ऐसा ही हुआ 12 साल की Rylee Anderson के साथ. मैथ्स का एक कॉन्सेप्ट फंस गया तो उसने अपनी टीचर को मेल किया.

अब हमारे गुरु जी होते तो इस बात पे ऐसा फटते कि हीरोशिमा और नागासाक़ी का धमाका भी कमज़ोर साबित होता. लेकिन Rylee के टीचर ने जो किया, उसने तो सबका दिल ही जीत लिया. उन्होंने मेल पर जवाब नहीं दिया बल्क़ि एक वाइटबोर्ड लेकर उसके घर ही पहुंच गए. बरामदे के आगे बैठकर उसकी प्रॉब्लम सॉल्व की. जिस दौरान Rylee के टीचर उसे कॉन्सप्ट बता रहे थे, वो दरवाजे पर खड़े होकर नोट्स बनाती रही.

ऐसे प्यारे, जग से न्यारे टीचर के लिए ट्विटर पर लोग जमकर तारीफ़े उड़ेल रहे हैं.

बताओ भला! एक ये टीचर हैं, जो दरवाजे पर बैठकर बता रहे. और एक हमारे गुरु जी थे. कहते रहें बिटवा 100 बार पूछो बताई देई, लेकिन कौनो कंफ़्यूज़न न रही के चाही. और जब गलती से भी हम कह दें कि गुरु जी समझ न आवा. बस दूसरे ही पल हम गोबर गणेश और मुर्गा एक साथ बना दिए जाते थे.