आज के दौर में हम बिजली के बिना ख़ुशहाल ज़िंदगी की कल्पना भी नहीं कर सकते. पर एक गांव ऐसा भी है, जो 73 सालों से बिजली के बिना जीवन गुज़ार रहा था. रिपोर्ट के मुताबिक़, लद्दाख के ऊंचाई वाले इलाक़ों के बीच बसे फ़ोटोकसर गांव में आज़ादी के बाद पहली बार बिजली आई है. लेह ज़िले के इस गांव के लोग इतने वर्षों से इलेक्ट्रिसिटी के बिना जीवन बिता रहे थे.

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केंद्र सरकार द्वारा उठाया गया ये क़दम गांव के लिये बेहतर और अच्छा माना जा रहा है. सभी ग्रामीणों ने इसके लिये स्थानीय प्रशासन और सरकार का शुक्रिया भी अदा किया. इसके साथ ही गांव में हंसी-खु़शी का माहौल भी है. ख़बर के अनुसार, बीते 29 नंवबर को लेह हिल डेवलपमेंट काउंसिल के चीफ़ एग्ज़ीक्यूटिव काउंसिलर और चेयरमैन ताशी ग्याल्सन ने NHPH पावरग्रिड लाइन का उद्घाटन करके गांव को रौशनी से जगमग कर दिया.

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बताया जा रहा है कि गांव में बिजली दीन दयाल उपाध्याय ग्राम ज्योति योजना के तहत पहुंचाई गई है. बिजली आने से गांव में रहने वाले बच्चों को पढ़ने में मदद मिलेगी. साथ गांव वाले पहले से बेहतर ज़िंदगी जी सकेंगे. बता दें कि नवंबर 2014 में सरकार ने अविद्युतीकृत गांवों तक बिजली पहुंचाने का ऐलान किया था. इसी के तहत दीन दयाल उपाध्याय ग्राम ज्योति योजना बनाई गई थी.  

चलो कोई गांव 73 साल रौशनी से रौशन है, इससे ज़्यादा ख़ुशी की बात क्या होगी?