दुनियाभर में बढ़ते प्रदुषण को लेकर कई लोग अपनी छोटी-छोटी कोशिशों के चलते इसे कम करने का काम कर रहे हैं. ग्रेटा थनबर्ग से लेकर वंदना शिवा तक कई ऐसी महिलाएं हैं जो पिछले कई सालों से बढ़ते प्रदुषण को लेकर दुनिया को सचेत करती आ रहीं हैं.

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पुणे की रहने वाली पूजा बदामीकर भी इन्हें में से एक हैं. पेशे से व्यवसायी पूजा अनोखे अंदाज़ में पर्यावरण जागरुकता को बढ़ावा देने का काम कर रही हैं. वो पिछले 2 साल से ख़राब टायरों से फ़ुटवियर बनाने का काम कर रही हैं. उनके फ़ुटवियर ब्रैंड का नाम 'निमिटल' है.

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पूजा बदामीकर ने Renewable Energy में पोस्ट ग्रेजुएशन किया है. साल 2018 में उन्होंने अपनी आईटी कंपनी की जॉब छोड़ दी. पूजा ने इस साल 'अपकमिंग वूमेन एंटरप्रेन्योर अवॉर्ड' भी जीता है. इस काम के ज़रिए उनका उद्देश्य पर्यावरण जागरुकता को बढ़ावा देना है.

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ANI से बातचीत में पूजा का कहना था कि, दुनियाभर में हर साल 1 बिलियन टायर कबाड़ में फेंक दिए जाते हैं, जिसकी वजह से प्रदुषण का लेवल काफ़ी बढ़ गया है. जब मैंने इस पर रिसर्च की तो मेरे दिमाग़ में ये आईडिया आया. इसके बाद मैंने स्थानीय मोचियों की मदद से ये काम शुरु किया और दो प्रोटोटाइप बनाए. इस तरह ख़राब टायरों से फ़ुटवियर बनाने की मेरी ये यात्रा शुरु हुई.

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मैं अच्छे से जानती थी कि स्वास्थ्य और सुरक्षा कारणों के चलते ख़राब टायर पुन: उपयोग के लिए प्रतिबंधित कर दिए गए हैं. इन टायर्स का गैर-बायोडिग्रेडेबल होने के कारण भी समस्या पैदा हो सकती है. हमारे देश को इन्हीं समस्याओं का सामना न करना पड़े इसके लिए मैंने ये काम शुरू किया. 
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बता दें कि पूजा बदामीकर पिछले 2 साल से वो ख़राब टायरों से फ़ुटवियर बनाने का काम कर रही हैं. वो अपने इस काम के ज़रिए हर साल पुणे शहर के बढ़ते प्रदूषण को नियंत्रित करने का काम कर रही हैं.