इस वीडियो में जो शख़्स नज़र आ रहा है, वो दो बच्चियों का पिता है. बच्चियों को इंसाफ़ मिलने में हो रही देरी से परेशान होकर उसने ख़ुद को आग लगाने की कोशिश की.


ख़बर पाकिस्तान की है, जहां दो नाबालिक लड़कियों, रीना(15) और रवीना(13) का अपहरण कर उनका जबरन धर्म परिवर्तन करवाया गया और फिर निकाह कर दिया गया. ये शख़्स उन्हीं दो बच्चियों का पिता है.

एक अन्य वीडियो में ये पिता पुलिस थाने के बाहर दुख से बिलखता और ख़ुद को थप्पड़ मारता नज़र आ रहा है.

सोशल मीडिया पर तेज़ी से वायरल हो रहे वीडियो में एक शख़्स सफ़ाई दे रहा है कि बच्चियों ने अपनी मर्ज़ी से धर्म परिवर्तन किया है. होली से एक दिन पहले, पाकिस्तान के एक और अल्पसंख्यक परिवार की ज़िन्दगी से रंग ग़ायब हो गए.

पाकिस्तान के ज़्यादातर हिन्दू परिवार सिंध प्रांत में रहते हैं. Dawn की एक रिपोर्ट के मुताबिक, हर महीने यहां 25 से ज़्यादा जबरन शादियां होती हैं. अल्पसंख्यक नाबालिग लड़कियों का ज़बरदस्ती धर्म परिवर्तन पाकिस्तान की सेक्यूलर छवि बनाने की कोशिश मे बहुत बड़ा धब्बा है. एक अन्य रिपोर्ट के अनुसार, हर साल 1000 से भी ज़्यादा लड़कियों का धर्म परिवर्तन कर उनका निकाह कर दिया जाता है. इनमें से ज़्यादातर लड़कियां ग़रीब परिवारों से ही आती हैं.

Child Marriage Restraint Act 2014, जिसे सिंध एसेंब्ली में मान्यता मिल चुकी है, इसके मुताबिक, 18 वर्ष से कम आयु के बच्चों का विवाह ग़ैरक़ानूनी है.


रीना, रवीना को इंसाफ़ दिलाने के लिए कई पाकिस्तानी सड़कों पर उतर आए. Dawn की रिपोर्ट के अनुसार, सिविल सोसाइटी के सदस्य रविवार को विरोध जताने के लिए कराची प्रेस क्लब के बाहर इकट्ठा हुए. लोगों की मांग है कि लड़कियों को वापस उनके घर भेजा जाए.

इस घटना पर कोई कार्रवाई अभी हुई भी नहीं थी कि एक अन्य वीडियो सामने आया, जिसमें दो लड़कियां रो रही हैं और मदद की गुहार लगा रही हैं.

रीना और रवीना का वीडियो तेज़ी से वायरल हुआ और इनकी कहानी ने अन्तर्राष्ट्रीय मीडिया में भी जगह बनाई. पाक के प्रधानमंत्री इमरान ख़ान ने जांच के आदेश दे दिए. पुलिस ने अब तक इस मामले में 7 लोगों को हिरासत में भी ले लिया है.


पर ऐसी हज़ारों लड़कियां हैं, जो किसी कड़े क़ानून के अभाव में अपने आप को ही भूलने पर मजबूर हो जाती हैं. एक रिपोर्ट के अनुसार, कई लड़कियों का धर्म परिवर्तन और निकाह करने के बाद मदरसा उनके घर एक सर्टिफ़िकेट भेजता है, जिसमें लिखा होता है कि लड़कियों ने अपनी मर्ज़ी से इस्लाम क़ुबूला है और निकाह किया है. इसके बाद उनका क्या होता है, कोई नहीं जानता.

विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने भी ट्वीट कर पाकिस्तान हाई कमीशन से मामले की रिपोर्ट मांगी है

हर तरफ़ से बन रहे दबाव से शायद रीना और रवीना घर लौट सकें, पर अभी पड़ोसी मुल्क़ में ज़रूरत है जबरन धर्म परिवर्तन के ख़िलाफ़ एक कड़े क़ानून की.