ये तो हम सब बचपन से सुनते आ रहे हैं, मछली जल की रानी है जीवन उसका पानी है...हाथ लगाओगे डर जाएगी बाहर निकालोगे मर जाएगी... अगर वही पानी उससे छिन जाए, तो वो जी नहीं पाएगी.

ऑस्ट्रेलिया की डार्लिंग नदी में सूखे की मार के चलते हज़ारों मछलियां मर चुकी हैं. जहां एक ओर सरकार इसे प्राकृतिक आपदा मान रही है, वहीं विशेषज्ञों का मानना है कि इन मछलियों के मरने की वजह नदी में फैली गंदगी है न कि प्राकृतिक आपदा.

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तो वहीं, न्यू साउथ वेल्स के क्षेत्रीय जल मंत्री नियाल ब्लेयर ने कहा, ‘अगर कुछ इस स्थिति को बदल सकता है, तो वो है प्रणाली के माध्यम से आने वाला ताज़ा पानी और फ़िलहाल इसकी कोई संभावना नहीं है.’

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इस बारे में मछली पालन विभाग के अधिकारियों ने बताया, ‘जैसे ही हमें इस बात की जानकारी मिली, हम पश्चिम न्यू साउथ वेल्स राज्य के एक छोटे से शहर मेनिन्डी के लिए निकल गए. ये कस्बा डार्लिंग नदी के पास स्थित है, जो हज़ारों किलोमीटर फैले मुर्रे-डार्लिंग नदी का हिस्सा है. इसे देश के कृषि क्षेत्र की जीवनरेखा माना जाता है. साथ ही बताया, तापमान बढ़ने और बारिश नहीं होने से मछलियों के मरने का सिलसिला आगे भी जारी रह सकता है. दो महीने से भी कम समय में इस क्षेत्र में इतनी बड़ी संख्या में मछलियों के मारे जाने की ये तीसरी घटना है.’

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मेनिन्डी के पर्यटन संचालक रॉब ग्रेगोरी ने बताया, ‘मृत मछलियों में छोटी मछलियों की संख्या ज़्यादा है, पिछली दो घटनाओं में भारी संख्या में बड़ी मछलियां पहले ही मारी जा चुकी हैं.’

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