कर्नाटक में जिस दिन कोरोनो वायरस के सबसे अधिक मामले दर्ज किए गए, ठीक उसी दिन कलबुर्गी ज़िले में एक धार्मिक जुलूस में भाग लेने के लिए निकले हज़ारों लोगों ने खुलेआम लॉकडाउन का जमकर उल्लंघन किया.

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दरअसल, कलबुर्गी ज़िले के चित्‍तपुर में हर साल 'सिद्धलिंगेश्वर' का मेला लगता है. इस बार भी लॉकडाउन के बावजूद इस मेले का आयोजन किया गया. इस दौरान सैकड़ों लोग एक साथ रथ खींचते दिखे. इन लोगों का न तो सोशल डिस्टेंसिंग से कोई मतलब था, न ही इन्हें कोरोना का डर था. मेले में सैकड़ों लोग शामिल हुए.

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जब मौके पर पुलिस पहुंची, तो बीजेपी का एक स्थानीय नेता इस मेले के आयोजन का समर्थन करने लगा. पुलिस ने विरोध किया तो कहने लगा कि राज्य में उनकी सरकार है और वो यहां का स्थानीय नेता है. इसलिए कोई किसी को छूएगा तक नहीं. ये सुनने के बाद पुलिस मूक दर्शक बनी रही.

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बता दें कि कलबुर्गी वही ज़िला है जहां भारत में कोरोना वायरस से पहली मौत हुई थी. इस ज़िले में अब तक कोरोना से 20 लोग संक्रमित हो चुके हैं.

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ANI के मुताबिक़, इस मेले का आयोजन कलबुर्गी ज़िले के चित्तापुर तालुक में किया गया था. इस मामले में अब पुलिस ने केस दर्ज कर लिया है.

इससे पहले भी कलबुर्गी में लॉकडाउन के नियमों की अनदेखी की गई थी. 27 मार्च को यहां सब्जी मंडी में सैकड़ों लोगों की भीड़ जमा हो गई थी. इस दौरान न तो लोगों ने, न ही प्रशासन ने लॉकडाउन के नियमों का पालन किया.

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जानकारी दे दें कि कर्नाटक में अब तक कोरोना वायरस से 353 संक्रमित हुए हैं. जबकि 13 लोगों की मौत भी हो चुकी है.