आंध्रप्रदेश के पलासा स्टेशन पर 3 जवानों द्वारा भूखों को खाना खिलाने की पहल आज एक मिशन में तब्दील हो गई है. ये सब तब शुरू हुआ, जब देश के अलग-अलग हिस्सों में काम करने वाले ये जवान पलासा स्टेशन पर मिले. यहां इन्होंने जो देखा, उसने इन्हें अंदर तक हिला दिया.

दरअसल, स्टेशन पर कुछ भूखे भिखारी लोगों से भीख मांग रहे थे, जिसे देख इन जवानो ने उन्हें खाना खिलाने का सोचा.

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तीन में से एक जवान रपाका किरण ने बताया, ‘उनकी हालत ने हमें अंदर तक हिला दिया. जिसके बाद हमने इन भिखारियों और बेघरों की मदद करने का फ़ैसला किया. हमने स्वामी विवेकानंद सेवा समिति (SVSS) के बैनर तले सेवा करना शुरू किया. शुरू में हमने अपने गांव में ही भोजन तैयार किया और पलासा रेलवे स्टेशन पर भिखारियों को परोसा.’

किरण भारत-तिब्बत सीमा पुलिस से जुड़े हैं. वहीं, अन्य दो असम राइफ़ल्स के Bunny और बीएसएफ के धर्मा हैं. दोनों पलासा मंडल के गांव गोलकमन्नापल्ली के रहने वाले हैं.

शुरू किया फ़ूड बैंक

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इन जवानों ने आगे एक फ़ूड बैंक की शुरुआत की. इसमें वो भूखों को खाना खिलाने के लिए फ़ंक्शन वेन्यू और होटलों से बचा हुआ खाना इकट्ठा करते हैं. उनके प्रयासों ने दूसरों को भी प्रेरित किया और अब जिले भर से 600 से ज़्यादा युवा उनके साथ जुड़ गए हैं. अब इस फ़ूड बैंक का विस्तार मंडासा, सोमपेटा और हरिपुरम तक हो गया है. ये लोग रोज़ाना क़रीब 100 लोगों को खाना खिलाते हैं. 

बता दें, समिति ग़रीबों और ज़रूरतमंद लोगों के लिए अन्य सेवाएं भी दे रही है. एक फ़ंड बनाया गया, जिससे मेडिकल इमेरजेंसी में लोगों की पैसों से मदद की जाती है. इसके साथ ही समिति के सदस्य ज़रूरत पड़ने पर ब्लड भी डोनेट करते हैं.

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Meliaputti मंडल की भाग्यलक्ष्मी ब्रह्मा ने बताया, ‘सालभर पहले मेरी मां की ओपन हार्ट सर्जरी थी, इसके लिए चार यूनिट ब्लड मांगने के लिए मैंने सोशल मीडिया पर पोस्ट किया. SVSS के सदस्यों ने मेरी पोस्ट पर तुरंत जवाब दिया और ब्लड डोनेट किया.’

किरण, Bunny और धर्मा न सिर्फ़ ज़रुरतमंदों की मदद कर रहे हैं, बल्कि उनके प्रयासों से दूसरे भी कुछ अच्छा करने के लिए प्रेरित हो रहे हैं. ऐसे लोगों की जितनी भी प्रशंसा की जाए कम है.