मध्य प्रदेश में सिवनी जिले के पेंच टाइगर रिजर्व के पास, एक गांव में एक 23 वर्षीय स्कूल शिक्षक को बाघ ने मार डाला.

मंगलवार शाम को मनोज धुर्वे पर बाघ ने हमला किया था. बाद में उसका आधा खाया हुआ शव घने जंगल में मिला. पेंच टाइगर रिज़र्व से सटा मुडियरेठ गांव है, जहां मनोज का एक छोटा सा खेत है. इसी गांव में मनोज एक प्राथमिक विद्यालय में बतौर गेस्ट टीचर काम करता है.

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तक़रीबन 11 बजे मनोज जंगल में मशरुम लेने गया था जब बहुत देर हो गई और मनोज वापिस नहीं लौटा तो गांव वालों ने उसे ढूंढना शुरू कर दिया. रात 8:30 बजे लोगों को जंगल में से उसकी चप्पल मिली. पैरों और घसीटने के निशानों का पीछा करते हुए लोग उसके शव तक पहुंच गए.

सूत्रों के अनुसार, बाघ ने उसका आधा शरीर खा लिया था. जल्द ही खासवा रेंज के अधिकारीयों को इस घटना की सुचना दी गई और बाघ की तलाश जारी की गई.

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इस घटना के बाद गांव वालों के अंदर डर फैल गया. गांव वालों का कहना था कि बाघ की बढ़ती आबादी की वजह से वह रिहाइशी इलाकों में आकर लोगों और उनके पालतू जानवरों को निशाना बना रहे थे. अधिकारियों ने गांव वालों को आश्वासन दिया की वे सभी बाघों को पकड़ कर गांव से दूर किसी सुरक्षित जगह ले जाएंगे.

अधिकारियों ने जांच पड़ताल पूरी हो जाने के बाद मनोज के परिवार को आर्थिक मदद देने का भी आश्वासन दिया. हालांकि, लगातार बारिश के चलते रेस्क्यू ऑपरेशन में बाधा आ रही थी.

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इससे पहले 2014 में भी कटनी ज़िले में बांधवगढ़ नेशनल पार्क के पास भी ऐसी ही एक घटना हुई थी. इस घटना के बाद गांव वालों ने हिंसक विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया था. लोगों ने वन विभाग दफ्तर और अन्य 9 घरों में आग लगा दी थी. भीड़ का गुस्सा यहीं तक नहीं थमा, उन्होंने वन विभाग के अधिकारियों, स्थानीय पुलिस वालों और पत्रकारों पर भी हमला किया था. अधिकारियों का कहना है कि लोगों ने उनकी दो मोटरयुक्त बर्तन, दर्ज़न भर गाड़ियों को भी आग के हवाले कर दिया था. सीआरपीसी की धारा 144 के तहत इस पुरे मामलें को काबू में लाया गया था.