देश और दुनिया में इन दिनों कोरोना का कहर जारी है, लेकिन इस मुश्किल घड़ी में छत्तीसगढ़ का एक परिवार ऐसा भी है जिनके घर जुड़वा बच्चों के रूप में ख़ुशियों की सौगात आई है. हैरानी की बात तो ये है कि इस दंपती ने अपने नवजात जुड़वा बच्चों का नाम 'कोरोना' और 'कोविड' रखा है.

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मामला छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर का बताया जा रहा है. 26 मार्च की शाम पेट में तेज़ दर्द शुरू होने पर प्रीती वर्मा नाम की एक महिला को रायपुर के 'भीम राव अंबेडकर अस्पताल' में भर्ती कराया गया. 27 मार्च को प्रीती ने जुड़वा बच्चों के रूप में एक लड़के व एक लड़की को जन्म दिया.

PTI से बातचीत में प्रीती वर्मा ने बताया कि 'मैं इस दिन को ज़िंदगी भर नहीं भूल सकती. लॉकडाउन के चलते कोई साधन नहीं मिला तो मेरे पति विनय मुझे देर रात बाइक पर बिठाकर अस्पताल ले गए. इस दौरान हॉस्पिटल पहुंचने तक हमें कई तरह की मुश्किलों का सामना करना पड़ा'.

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जब अस्पताल के कर्मचारियों ने भी बच्चों को कोरोना और कोविड के नाम से बुलाना शुरू किया, तो हमने देश के मौजूदा हालातों को देखते हुए फिलहाल इन दोनों को कोविड (लड़का) और कोरोना (लड़की) नाम दिया है. बच्चों के ये नाम हमें हमेशा इस लॉकडाउन की याद दिलाते रहेंगे.

मूल रूप से उत्तर प्रदेश में रहने वाला ये दंपती छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर की पुरानी बस्ती इलाके में किराए के मकान में रहता है. अस्पताल में बच्चों को देखने पहुंच रहे दोस्त और रिश्तेदार भी बच्चों के नामकरण को साहसिक फ़ैसला बता रहे हैं.

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बीआर अंबेडकर मेमोरियल अस्पताल की जनसंपर्क अधिकारी शुभ्रा सिंह ने कहा कि, 26 मार्च की रात प्रीति वर्मा नाम महिला अपने पति के साथ अस्पताल पहुंची थीं. मामला गंभीर था इसलिए तुरंत एक सीज़ेरियन सेक्शन करने की व्यवस्था की गई. तीनों पूरी तरह से स्वास्थ्य थे इसलिए मां और नवजात शिशुओं को अस्पताल से घर भेज दिया गया है.

शुभ्रा सिंह ने कहा कि उनके आने के 45 मिनट के भीतर ही सफ़लतापूर्वक डिलीवरी हो गई. अस्पताल में कर्मचारियों ने दोनों जुड़वा बच्चों को कोविड और कोरोना कहना शुरू कर दिया था. बच्चों के ये नाम अस्पताल में आकर्षण का केंद्र बन गए थे.