सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद कल भाजपा को विधानसभा में फ़्लोर टेस्ट देना था, यानी बहुमत साबित करना था.

जब विधायकों की संख्या 145 तक नहीं पहूंची तब पहले अजीत पवार ने अपना इस्तीफ़ा दिया फिर देवेंद्र फडणवीस ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर अपने हथियार रख दिए. ये सब 24 घंटे के भीतर इसलिए हुआ ताकि कल विधानसभा में भाजपा की किरकिरी न हो.

ट्रोल्स को विधानसभा की वोटिंग से क्या मतलब! वो तो आज ही शुरू हो गए.

इस महाराष्ट्र की राजनीति ने सभी पार्टी के चाणक्यों की बुद्धि फ़ेल कर रखी है.