अगर अपराध ख़त्म करना है, तो पहले ग़रीबी समाप्त करनी होगी और ग़रीबी दूर करने के लिए पहले बच्चों को शिक्षा के क़रीब लाना होगा. ये बात शायद दरोगा रणजीत यादव (Sub Inspector Ranjit Yadav) अच्छे से जानते हैं, तब ही उन्होंने गरीब बच्चों (Underprivileged Children) का जीवन सुधारने के लिए उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh) के अयोध्या (Ayodhya) में अपना स्कूल (School) खोला है. यहां वो उन बच्चों को मुफ़्त में शिक्षा दे रहे हैं, जिनकी माता-पिता सड़कोंं पर भीख मांग कर ज़िंदगी गुज़ारते हैं. 

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Source: ANI

दरोगा रणजीत यादव (Sub Inspector Ranjit Yadav) एक पेड़ के नीचे इन बच्चों को पढ़ाते हैं. अभी क़रीब 50 ग़रीब बच्चे शिक्षा हासिल कर रहे हैं. इन बच्चों को कॉपी-किताब भी दरोगा रणजीत ही मुहैया करवा रहे हैं. ड्यूटी के बाद उन्हें जब भी छूट्टी मिलती ही, वो पढ़ाने के लिए बच्चों के बीच आ जाते हैं.

सब-इंस्पेक्टर रणजीत यादव के स्कूल में पढ़ने वाले बच्चों का कहना है कि वो अपनी पढ़ाई आगे भी जारी रखना चाहते हैं और स्कूल जाना चाहते हैं. उन्हें इस स्कूल में पढ़कर काफी अच्छा लगता है, इसलिए वे हर रोज़ यहां आते हैं.

सब-इंस्पेक्टर रणजीत यादव ने कहा, 'मैंने अपना खुद का स्कूल शुरू किया है. मुझे जब भी ड्यूटी से छुट्टी मिलती है, मैं यहां आकर बच्चों को पढ़ाता हूं. मैंने अक्सर उनके माता-पिता को भीख मांगते देखा. जिसके बाद मैंने उनसे बात की और इनमें से कई माता-पिता अपने बच्चे को पढ़ाना चाहते हैं.'

अगर दरोगा रणजीत यादव ये अनूठी पहल नहीं करते, तो यक़ीनन ये बच्चे भी भीख मांगने को ही मजबूर होते. मगर अब ऐसा नहीं है. बच्चों को पढ़ना पसंद आ रहा है और वो आगे भी अपनी पढ़ाई जारी रखना चाहते हैं.

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दरोगा रणजीत यादव वाक़ई एक सराहनीय कार्य कर रहे हैं. ऐसे पुलिस वालों की वजह से पुलिस फ़ोर्स का सिर हमेशा गर्व से ऊंचा रहेगा. हम भी दरोगा रणजीत यादव को इस शानदार पहल के लिए सैल्यूट करते हैं.