यूपी पुलिस बहुत क्यूट है और ज़माना बहुत ख़राब. एकदम सच कह रहा हूं मेरे भाई. बेचारी यूपी पुलिस दिन-रात कोरोना लॉकडाउन का पालन कराने को लेकर सीरियस हैं, लेकिन उसकी सीरियसनस पर कुछ लोगों को तफ़री सूझ रही है.

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अब बताइए, कानपुर पुलिस ने बेकनगंज क्षेत्र में घूम रही एक बकरी को हिरासत में ले लिया. काहे कि वो बिना मास्क के घूम रही थी. पुलिस ने लॉकडाउन का सरेआम उल्लंघन करने वाली इस बकरी को पकड़ा और जीप में बैठाकर थाने ले आई.

अविश्वसीन सूत्रों की मानें तो पुलिस ने इस बकरी का बाकायदा इंट्रोगेशन भी किया है. पुलिस ने बकरी को पूछा, बता बिना मास्क के कौन घूम रहा था? बकरी ने स्वीकार किया ‘मैं’, बता लोगों को अगर कोरोना हो गया तो इसका ज़िम्मेदार कौन होगा? उसने फिर कहा ‘मैं’.

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बकरी के इक़बाले जुर्म कुबूल करने के बाद पुलिसवालों ने फिर पूछा कि बता हमने तुझे गिरफ़्तार कर ठीक किया कि नहीं. इस पर बकरी ने कोई जवाब नहीं दिया. बस ये बात पुलिसवालों को बुरी लग गई. एक बकरी में इत्ता घमंड. हर बात पर मैं मैं कर रही लेकिन क्रेडिट देने के टाइम पर चुप. हद है!

ख़ैर, जब बकरी मालिक को पता चला तो वो दौड़ा-दौड़ा थाने पहुंचा और बकरी को रिहा करने की गुहार लगाने लगा. पुलिस ने भी वॉर्निंग देते हुए उसे रिहा कर दिया. वहीं, बकरी लाने वाले पुलिसकर्मियों में से एक ने स्वीकार किया कि उन्होंने लॉकडाउन के उल्लंघन में बकरी को गिरफ़्तार किया.

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पुलिस ऑफ़िसर अनवरगंज स्टेशन सैफुद्दीन बेग ने कहा कि पुलिस ने एक युवक को बिना मास्क के टहलते देखा, उसके साथ एक बकरी भी थी. पुलिस को देखकर युवक वहां भाग खड़ा हुआ, जिसके बाद पुलिस बकरी को थाने ले आई और फिर बकरी मालिक को लौटा दी.

उन्होंने कहा कि ‘लोग अब अपने कुत्तों को मास्क पहनाने लगे हैं तो बकरी को क्यों नहीं.’ हालांकि, सोशल मीडिया पर रायता फैलने के बाद पुलिस ने अपना बयान बदल दिया.