स्वतंत्र पत्रकार प्रशांत कनौजिया के बाद उत्तर प्रदेश पुलिस और एक पत्रकार की पिटाई से जुड़ा एक और मामला तूल पकड़ रहा है. मंगलवार को एक मीडियाकर्मी को शामली GRP के SHO और कुछ स्थानीय पत्रकार समूह द्वारा मिल कर पीटा गया.

मंगलावर को धिमानपुर के पास बसे शामली में रात के 9 बजे एक मालगाड़ी के दो डब्बे पटरी से उतर गए. पुलिस की एक टीम जिसकी अगुवाई SHO राकेश कुमार कर रहे थे, उसने स्थानिय पत्रकारों को इस घटना को कवर करने से रोका. इसकी वजह से दोनों समूहों के बीच झड़प हो गई.

सोशल मीडिया पर एक वीडियो वारल हो रही है, जिसमें SHO अपने साथी के साथ पत्रकार अमित कुमार को बुरी तरह मारते दिख रहे हैं.

स्थानिय पत्रकारों के अनुसार, अमित कुमार को न सिर्फ़ घटनास्थल पर मारा गया, उन्हें घसीटते हुए GRP थाने ले जाकर बंद कर दिया गया.

पीड़ित का आरोप है कि पुलिस ने उसे मारने के बाद उसके कपड़े उतार कर उसके मुंह में पेशाब भी किया.

अमित कुमार ने बताया, 'SHO ने गुस्से में मुझे पीटा, क्योंकि मैंने एक स्टोरी चलाई थी, जो उनके ख़िलाफ़ थी. शुरुआत में उन्होंने मुझे घटनास्थल पर पीटा और मेरा फ़ोन फेंक दिया. बाद में मुझे गाली दी, कपड़े उतारे और मेरे मुंह में पेशाब किया.'

इन आरोपों के ऊपर प्रतिक्रिया देते हुए DGP ओ. पी. सिंह ने घटना की निंदा की और आरोपी SHO राकेश कुमार और साथी कॉन्सटेबल को सस्पेंड करने की बात कही.

इस घटना के बाद पत्रकारों के समूह ने शामली के GRP पुलिस थाने के पास इक्ट्ठा होकर विरोध प्रदर्शन किया. ये विरोध प्रदर्शन बुधवार की सुबह तक चला.