उत्तर प्रदेश की पुलिस ग़ज़ब है. मतलब, कभी मुंह से गोली चलाती है, कभी सीधी सड़क पर गाड़ी पलटाती है और अब तो हद ही कर दी भाईसाब! यूपी पुलिस ने जानवरों से शिनाख़्त करवानी भी शुरू कर दी है. अमां, मज़ाक नहीं कर रहे मेरे भाई. ये यूपी पुलिस है, कुछ भी कर सकती है. 

Source: indiatimes

फ़िल्मों में डॉयलाग तो सुना ही होगा. ‘अब कुत्ते बताएंगे, मालिक कौन है?’ सुना है न. बस ऐसा ही कुछ यूपी के कन्नौज में भी हुआ है. यहां एक भैंस ने बताया है कि उसका मालिक कौन है.

आहिस्ता-आहिस्ता मामला समझो

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ये बात रविवार की है. रसूलाबाद निवासी एक शख़्स मवेशी मेले में भैंस को बेचने के इरादे से ले गया. वहां वीरेंद्र ने उस आदमी को पकड़ा और आरोप लगाया कि भैंस उसकी है. कथित तौर पर दोनों के बीच झगड़ा हुआ, जिसके बाद उस शख़्स ने बताया कि ये भैंस उसने धर्मेंद्र से ख़रीदी है. The Times of India की रिपोर्ट के मुताबिक, वीरेंद्र ने रविवार को तिर्वा कोतवाली पुलिस से संपर्क किया और धर्मेंद्र के ख़िलाफ़ शिकायत दर्ज कराई.

दूसरी ओर, धर्मेंद्र ने दावा किया कि वो निर्दोष है. उसने दावा किया कि ये भैंस उसकी ही है और उसने भैंस को 19,000 रुपये में एक शख़्स को बेचा है.

मामला निपटाने के लिए पुलिस ने निकाला अतरंगी तरीका

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दोनों ही लोगों के दावे के सामने पुलिस भयंकर कन्फ़्यूज हो गई. मामला निपटाने के लिए SSI भैंस को पुलिस स्टेशन ले आए और दोनों दावेदारों को भी बुलाया. पुलिस ने यहां दोनों से भैंस को आवाज़ देने को कहा. दोनों ने वैसा ही किया और भैंस धर्मेंद्र की कॉल पर उसके पास जाकर खड़ी हो गई और वीरेंद्र को घास तक नहीं डाली.

SSI ने कहा, ‘कुछ दिनों पहले एक भैंस की चोरी की शिकायत दर्ज की गई थी. दोनों पक्ष इस पर अपना दावा जता रहे थे. फिर मैंने फ़ैसला भैंस पर ही छोड़ दिया. मामला सुलझा लिया गया और भैंस को उसके असली मालिक को दे दिया गया.’

बताइए, ऐसे ही थोड़े कहते हैं कि ताड़ने वाले क़यामत की नज़र रखते हैं और फिर यूपी पुलिस तो ख़ुद हई...