कोरोना वायरस के चलते अचानक हुए लॉकडाउन की वजह से अनजाने देश में कई लोग फंस गए. ऐसे में फंसे हुए लोग जल्द से जल्द अपने देश, अपने लोगों के बीच पहुंचना चाहते थे मगर केरला में फंसे 74 साल के जॉनी पॉल पियर्स अब यहीं रहना चाहते हैं. इसके लिए उन्होंने केरला हाई कोर्ट का दरवाज़ा खटखटाया है.

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पियर्स पांचवी बार 26 फरवरी को भारत घूमने आये थे और केरला के एर्नाकुलम के कंदनाडु में रह रहे थे मगर अब वो चाहते हैं कि उनके टूरिस्ट वीज़ा को बिज़नेस वीज़ा में बदल दिया जाए. आपको बताते चलें की नियमों के अनुसार टूरिस्ट वीज़ा लेकर आने वाला व्यक्ति हमारे देश में 180 दिनों तक रह सकता है. पियर्स का टूरिस्ट वीज़ा 24 अगस्त को समाप्त हो जाएगा.

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पियर्स बताते हैं, “मेरा मन है कि मैं एक अच्छे बिज़नेस मॉडल के साथ यहां का बिज़नेस वीज़ा प्राप्त करूं. एक निवासी बनने का सबसे आसान तरीक़ा एक भारतीय से शादी करना है मगर मैं 74 साल का हूं और शायद वह विकल्प मेरे लिए नहीं है."

पियर्स का केरला को पर्यटन केंद्र बनाने का बिज़नेस मॉडल है ताकि उनके जैसे अन्य विदेशी लोग सुरक्षित ट्रैवल कर सकें. "मैं अमेरीका के उन लोगों को अपने साथ रखूंगा जो लम्बे समय तक रह सकें, ज़्यादातर रिटायर्ड लोग ही, जिन्हें अमेरिका में वायरस का ख़तरा है."

पियर्स आगे बताते हैं, “74 साल की उम्र में अमेरिका में यात्रा करना ख़तरे का काम है. वहां पूरी तरह से उथल-पुथल मची है और मुझे केरला बहुत पसंद है. मैं वापस नहीं जाना चाहता और मैं यहां शांति से रहना चाहता हूं. मैं केरला में पूरी तरह सुरक्षित हूं. जहां पूरे राज्य में केवल 25 लोगों की मौत हुई है."

पियर्स ने पूरी तैयारी कर रखी है. पियर्स आगे के प्लान को बताते हुए कहते हैं. "मुझे एकांत में रहना पसंद है इसलिए मैंने पूरे लॉकडाउन का आनंद लिया. ये पूरा समय मैंने मेडिटेशन करके बिताया."

केरला के वागामोन में रहने के लिए जगह तलाश कर रहे हैं. उनके हिसाब से वागामोन रहने के हिसाब से सबसे परफ़ेक्ट है क्योंकि वहां भीड़-भाड़ नहीं है. साथ ही वे भारत में रहकर उन्होंने फ़िल्म बनाने की योजना भी बनायी है.