उत्तराखंड में इस समय भूस्खलन के कारण जगह-जगह मलबा जमा हुआ है, जिससे राहगीरों को आने-जाने में भी काफ़ी दिक्कत हो रही है. इस वजह से एक बारात को भी काफ़ी दिक्कत का सामना करना पड़ा. 

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रिपोर्ट के मुताबिक, घटना विकासखंड कीर्तिनगर के लोस्तु बडियारगढ़ की है. घर से निकलते ही कुछ दूर पर बारितयों को रास्ता बंद मिला, तो दूल्हे ने ख़ुद मलबा हटाकर जाने के लिये रास्ता बनाया. दूल्हे को मलबा साफ़ करते देख बाक़ी बाराती भी मदद को आगे आये जिसके बाद बारात आगे बढ़ सकी. बताया जा रहा है कि बारात घर से निकल कर लगभग 10 किमी दूर ही पहुंची होगी कि उन्हें आगे के रास्ते में मलबा पड़ा मिला. 

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रास्ते से मलबा हटाने में सभी लोगों को करीब ढेड़ घंटे का समय लगा, जिसके बाद वो दुल्हन को लेने जा सके. कोरोना के कारण बारात में सिर्फ़ 5 गाड़ियां थीं, जिसमें 14 लोग सवार थे. दूल्हा, दिग्विजय सिंह कंडारी कीर्तिनगर ब्लॉक के लुटु बडियारगढ़ के रिंगोली मल्ली गांव निवासी है, जो दुल्हन को लेने चमोली ज़िले के पोखरी गांव आया हुआ था. स्थानीय लोगों को कहना है कि तेगड़ से लेकर घंडियालधार तक मोटर मार्ग बेहद ख़राब है, पर फिर लोग जान जोख़िम में डाल सफ़र कर रहे हैं. 

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जो भी हो, शादी अच्छे से हो गई इतना काफ़ी है. 

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