भारतीय वायुसेना के मिराज 2000 विमानों ने 26 फरवरी को सुबह 3:30 बजे एलओसी के पार जाकर आतंकवादी ठिकानों को तबाह कर दिया.



Source: Defence News

रिपोर्ट्स के अनुसार, हमलों में 200-300 आतंकवादी मारे गए. इस पूरे मामले में भारत के विदेश सचिव, विजय गोखले ने प्रेस ब्रीफ़िंग देते हुए पूरी घटना पर सरकारी मोहर लगा दी.

विजय गोखले की प्रेस ब्रीफ़िंग की मुख्य बातें:

1. पाकिस्तान के आतंकवादी संगठन जैश-ए-मोहम्मद ने 14 फरवरी को सीआरपीएफ़ काफ़िले पर आत्मघाती हमला किया, जिसमें 40 जवान शहीद हो गए. पिछले 2 दशकों से ये संगठन मसूद अज़हर के अंडर में चल रहा है. इस संगठन को संयुक्त राष्ट्र संघ ने बैन किया है. 2001 में भारतीय संसद और 2016 में हुए पठानकोट हमले का ज़िम्मेदार यही संगठन है.


2. इस संगठन के ट्रेनिंग कैम्प्स की जानकारी समय-समय पर पाकिस्तान को दी गई है पर पाकिस्तान ने इस संगठन की मौजूदगी को नकारा है. भारत पाकिस्तान को आतंकवादियों पर कड़ी कार्रवाई करने को कहता रहा, पर पाकिस्तान ने कभी कोई कार्रवाई नहीं की.

3. हमें जानकारी मिली थी कि जैश के आतंकी देश के अलग-अलग हिस्सों में आत्मघाती हमले की तैयारी कर रहे हैं और इस काम के लिए फ़िदाइन जिहादियों को ट्रेनिंग दी जा रही थी. संभावित ख़तरे को देखते हुए एक स्ट्राइक बेहद ज़रूरी थी.

4. आज सुबह-सुबह भारत ने बालाकोट स्थित जैश-ए-मोहम्मद के सबसे बड़े ट्रेनिंग कैंप पर एयर स्ट्राइक किया. इस ऑपरेशन में जैश के कई आतंकी, ट्रेनर्स, सीनियर कमांडर्स और फ़िदाइन हमले के लिए तैयार किए जा रहे जिहादियों को ख़त्म किया गया. बालाकोट का ये कैंप मौलाना युसूफ़ अज़हर उर्फ़ उस्ताद घोरी के अंडर चल रहा था.

5. भारतीय सरकार आतंकवाद के ख़ात्मे के लिए हर संभव कोशिश करती है और इसीलिये ये Non-Military Preemptive एक्शन लिया गया.

6. हमने आम लोगों को ध्यान में रखते हुए ये एयर स्ट्राइख किया. आम जनता से दूर, जैश का ये कैंप घने जंगल में चल रहा था.

भारतीय वायुसेना की इस जाबांज़ी पर ट्विटर सेना ने दी कुछ इस तरह सलामी:

भारतीय वायुसेना के जवानों को सलाम!