भारत में भाद्रपद महीने के शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि को हरितालिका तीज मनाई जाती है. इस दिन हिंदू मान्यता के अनुसार महिलाएं व्रत रखती हैं. इस दौरान विवाहित महिलाएं कथा की किताब पढ़ते हैं जिस पर भगवान शिव और पार्वती के चित्र बने होते हैं.

इस दौरान पत्रकार सुष्मिता सिन्हा पर ट्वीटर पर एक वीडियो शेयर करके हिन्दुओं की परंपराओं का अपमान करने का आरोप है. अब सोशल मीडिया पर लोगों ने उनके ख़िलाफ़ मोर्चा खोल दिया है. लोग पीएम मोदी और योगी से सुष्मिता को गिरफ़्तार करने की अपील कर रहे हैं.

बताया जा रहा है कि पटना की रहने वाली सुष्मिता सिन्हा दिल्ली में एक अख़बार में काम करती हैं. सुष्मिता ने 'हरितालिका तीज' के दिन कथा वाली एक किताब ख़रीदी थी. इसके बाद इस किताब को लेकर उन्होंने अपने इंस्टाग्राम अकाउंट पर एक वीडियो अपलोड किया था.

Source: twitter

वीडियो में वो कह रही हैं, 'इस रद्दी किताब के लिए मैनें 15 रूपए ख़र्च किए, लेकिन अब ये मेरे किसी काम की नहीं है'. अब इस किताब को टिशू पेपर या टॉयलेट पेपर की तरह इस्तेमाल करना चाहिए. इस दौरान वो हिंदू देवी-देवताओं पर अपमानजनक टिप्पणी भी करती नज़र आ रही हैं'.

अब सुष्मिता ने दी सफ़ाई

सुष्मिता ने सफ़ाई देते हुए कहा कि, सोशल मीडिया पर मेरे वीडियो एडिट करके शेयर किया गया है. मुझे लगा इस किताब में महिलाओं के विरोध में बातें लिखी गई हैं, जबकि पुरुषों के लिए कुछ भी नहीं लिखा गया है. किताब की कहानी महिला विरोधी है, इसलिए मैंने इस कहानी का विरोध किया.

ट्विटर पर सुष्मिता की गिरफ़्तारी ट्रेंड कर रही है और #ArrestSushmitasinha जमकर ट्रेंड हो रहा है.