ट्विटर से सरोकार रखने वालों ने देखा ही होगा कि कई दिनों से ये दो हैशटैग ट्रेन्ड कर रहे हैं, 'modi_job_do' और 'मोदी_रोजगार_दो'. एक बार फिर रोज़गार का मुद्दा सोशल मीडिया पर ज़ोर पकड़ रहा है.

#modi_job_do के साथ 5.8 मिलियन से ज़्यादा ट्वीट्स और 'मोदी_रोजगार_दो' के साथ 5.5 लाख से ज़्यादा ट्वीट्स किए जा चुके हैं. ये कोई विपक्षी पार्टी या 'जामिया, जेएनयू वाले' नहीं कर रहे हैं. बड़ी तादाद में ये ट्वीट्स करने वाले छात्र हैं, ऑनलाइन कोचिंग देने वाले कुछ टीचर्स भी ट्विटर लड़ाई में शामिल हैं.  

एक शिक्षक का वीडियो-

क्या है पूरा मामला? 

एक रिपोर्ट के अनुसार बीत रविवार से ही ये हैशटैग चल रह हैं. एसएससी (स्टाफ़ सेलेक्शन कमीशन) सीजीएल (कम्बाइन्ड ग्रैजुएट लेवल) परीक्षा करवाती है. मंत्रालयों, केन्द्र सरकार के अलग-अलग डिपार्टमेंट में अलग-अलग पोस्ट्स पर नियुक्ति के लिए ये परीक्षा होती है. इस परीक्षा में हर साल लाखों ग्रैजुएट बैठते हैं. 2019 में सीजीएल टीयर-2 परीक्षा करवाने की घोषणा की गई. 15, 16 और 18 नवंबर 2020 को तीन चरणों में परीक्षा हुई. 19 फरवरी को इन परिक्षाओं के परिणाम घोषित किए गए और इसके बाद सरकार के ख़िलाफ़ सोशल मीडिया पर जंग छेड़ दी गई. 


छात्रों का कहना है कि 18 नवंबर का प्रश्न पत्र आसान था और छात्रों ने अच्छा प्रदर्शन किया. बहुत से छात्रों को फ़ुल नंबर आए! रिज़ल्ट आने पर ऐसे कई प्रतिभावान छात्रों का सेलेक्शन नहीं हुआ था. छात्रों का आरोप है कि 18 नवंबर के पेपर के लिए घोषित कट ऑफ़ में से 100 नंबर तक काट दिए गए. यही नहीं, 15 और 16 नवंबर को परिक्षा देने वालों के 70-80 नंबर तक बढ़ा दिए गए! 

छात्र बेहद जायज़ सवाल कर रहे हैं कि 'कौन सी प्रक्रिया के तहत ये हेर-फेर किया गया?' 

कुछ ट्वीट्स और मीम्स-