भारतीय पहलवान सतीश कुमार ने 2006 कॉमन वेल्थ गेम्स में और Los Angeles में हुए वर्ल्ड पुलिस गेम्स में गोल्ड मेडल जीता था. उन्हें 2002 एशियन गेम्स में Wrestling Federation of India द्वारा भाग लेने से रोक दिया गया था. उन्हें ग़लती से से वेस्ट बंगाल का सतीश कुमार समझ लिया गया था, जिसे प्रदर्शन बढ़ाने वाले ड्रग्स लेने के इल्ज़ाम में सस्पेंड कर दिया गया था.

इसके 15 साल बाद, सतीश को इंसाफ़ मिल गया है. दिल्ली कोर्ट ने WFI से सतीश को 25 लाख रुपये का जुर्माना देने को कहा है.

सतीश को 2002 एशियन गेम्स के लिए फ्लाईट लेने से मिनटों पहले बताया गया था कि वो इनमें हिस्सा नहीं ले सकते हैं. जांच में साबित हो गया है कि उन्हें एक ग़लतफ़हमी के चलते रोक दिया गया था. कोर्ट ने इसमें शामिल सभी अधिकारियों के ख़िलाफ़ कार्रवाई के भी आदेश दिए हैं, ताकि इस तरह आगे कभी किसी खिलाड़ी का करियर बर्बाद न हो.

इस तरह की घटनाएं देख कर समझा जा सकता है कि खिलाड़ियों के लिए आगे बढ़ना देश में कितना मुश्किल है और देश को अंतर्राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में आगे बढ़ने के लिए इतना संघर्ष क्यों करना पड़ रहा है.