सेट मैक्स पर आती राजा-महाराजाओं की फिल्मों और स्टार प्लस पर 'चक्रवर्ती सम्राट अशोक' टाइप्स के नाटकों को देख कर ऐसा लगता है कि भारत के इतिहास में कई ऐसे राजा रहे हैं, जिन्होंने सिर्फ़ और सिर्फ़ लोगों की भलाई की है. तमाम धन-दौलतों के बावजूद ये राजा साधारण से कपड़े पहन कर लोगों के बीच में जाते और उनकी परेशानियों के बारे में पता लगाते थे. हालांकि ये कहां तक सच है, इसके बारे में थोड़ा संशय ज़रूर है पर किताबों में ऐसा ही लिखा है और इतिहास भी हमें हर बार यही बताता है. खैर इतिहास में कुछ ऐसे भी राजा रहे हैं, जो अपनी शान और शौकत के लिए भी पहचाने जाते थे. पर अपनी इस शान-ओ-शौकत को दिखाने के लिए कई बार ऐसे काम करते थे, जिन्हें पैसे की बर्बादी कहना ही सही होगा. आज हम आपको कुछ ऐसे ही शाही राजाओं-महाराजाओं के बारे में बता रहे हैं, जिन्होंने शान-ओ-शौकत दिखाने के चक्कर में पैसों को बर्बाद करने में कोई कसर नहीं छोड़ी.

जूनागढ़ के महाराज

इस लिस्ट में सबसे पहला नाम आता है महाराजा ऑफ़ जूनागढ़ का, जिनके पास लगभग 800 पालतू कुत्ते थे. इन सभी कुत्तों को रखने के लिए अलग-अलग कमरों के साथ ही नौकर भी थे. अगर कभी कोई कुत्ता बीमार हो जाता तो उसके इलाज के लिए ब्रिटिश डॉक्टरों को बुलाया जाता था.

पर हद तो तब हो गई जब महाराज ने अपने दो कुत्तों की शादी करवाई, जिसका उस समय खर्च करीब 20 लाख के आस-पास था.

अलवर के महाराज जय सिंह

अलवर के महाराज एक बार लंदन स्थित Rolls Royce के शोरूम में पहुंचे. पर वहां के सेल्समेन ने उन्हें कोई गरीब भारतीय समझा और उनकी उपेक्षा करने लगा. महाराज इस बात से बहुत क्रोधित हुए और भारत लौट कर 10 Rolls Royce की कार खरीदी और उन कारों से छत्त हटवा कर शहर की गंदगी को ढोने का काम करवाने लगे.

जब Rolls Royce को अपनी इस गलती के बारे में पता चला तो वो महाराज के पास आये और माफ़ी मांगी.

महारानी इंद्रा देवी

महारानी इंद्रा देवी के बारे में मशहूर है कि उन्होंने एक बार इटली के प्रसिद्ध डिज़ाइनर Ferragamo Later से 100 जोड़ी सैंडल्स बनवाई, जिनमें हीरे और जवाहरात लगे थे.

मीर ओस्मान अली खान

हैदराबाद के आखिरी निज़ाम मीर ओस्मान अली खान का नाम उस समय के दुनिया के रईसों में गिना जाता था. उनकी रईसी का आलम यह था कि वो दुनिया के पांचवे सबसे बड़े हीरे को अपने पेपर वेट की तरह इस्तेमाल किया करते थे. फ़िलहाल 184.97 कैरट का यह जैकब डायमंड भारत सरकार के निगरानी में रखा हुआ है.

महाराजा सवाई माधो सिंह II

महाराजा सवाई माधो सिंह II का नाम गिनीज़ वर्ल्ड रिकॉर्ड में दर्ज है, जिसकी वजह है अपनी लंदन यात्रा के दौरान चांदी के बर्तनों में गंगा जल का ले जाना. ये चांदी के बर्तन दुनिया के सबसे बड़े बर्तन थे.

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महाराजा जगतजीत सिंह

कपूरथला के महराज जगतजीत सिंह के बारे में कहा जाता है कि उनके पास दुनिया के सबसे महंगे LV ब्रांड के 60 बक्से थे. जिन्हें वो अपने साथ हर यात्रा पर ले जाया करते थे. इस बक्से में उनके कपड़ों के अलावा पगड़ी और तलवारें हुआ करती थी.

महाराजा गंगा सिंह

बीकानेर के महाराज गंगा सिंह ने एक बार अपने वजन के बराबर सोना गरीबों में दान किया था. वो सोने के इतने शौक़ीन थे कि उनके जानवरों के कपड़े भी सोने के बने हुए थे.

महाराजा ऑफ़ ग्वालियर

महाराजा ऑफ़ ग्वालियर के बारे में कहा जाता है कि वो अपने अतिथियों के सम्मान में कोई कसर नहीं छोड़ते थे. उनकी डाइनिंग टेबल पर चांदी एक टॉय ट्रेन होती थी, जिसमें वाइन से लेकर सिगरेट और सिगार सब मौजूद होती थी. यह ट्रेन अतिथियों की टेबल तक खुद पहुंच जाया करती थी.

महाराणा सज्जन सिंह

उदयपुर के महाराज सज्जन सिंह क्रिस्टल के इतने बड़े दीवाने थे कि उनके महल में सभी चीज़ें क्रिस्टल से बनी हुई थी. ये सारा क्रिस्टल इंग्लैंड के ‘F&C Osler’ से मंगवाया गया था. उदयपुर में स्थित उनके महल को Crystal Gallery कहा जाता है.

महारानी सीता देवी ऑफ़ बड़ौदा

सीता देवी को दुनिया की सबसे खर्चीली रानी के रूप में पहचाना जाता है. उनके कलेक्शन में लाखों साड़ियां थी और हर साड़ी के लिए मैचिंग के बैग और सैंडल्स थे.

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