Panchvaktra Mandir Video Viral : हिमाचल प्रदेश (Himachal Pradesh) से लेकर दिल्ली-एनसीआर (Delhi-NCR) तक हर जगह भारी बारिश के चलते बाढ़ और जलप्रलय जैसा मंजर दिख रहा है. जल सैलाब से करोड़ों का नुक़सान भी हुआ है. इसमें सबसे ज़्यादा नुक़सान मनाली से लेकर मंडी तक देखा गया है. यहां बाढ़ ने ऐसा हाहाकार मचाया है कि 100 साल पुराने पुल भी बहकर जलमग्न हो गए हैं. लेकिन इसी बीच सोशल मीडिया पर एक ऐसी तस्वीर और वीडियो सामने आई है, जिसे देखकर लोग सावन के महीने में भोले बाबा की महिमा का गुणगान कर रहे हैं.

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सोशल मीडिया पर लोग लगातार मंडी के पंचवक्त्र मंदिर (Panchvaktra Mandir) की तस्वीरें और वीडियो शेयर कर रहे हैं. जहां एक ओर चारों तरफ़ पानी से त्राहि-त्राहि है, वहीं इस शिव मंदिर का बाल भी बांका नहीं हुआ है. आइए आपको इसके बारे में बताते हैं. (Panchvaktra Mandir Video Viral)

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मंडी के पंचवक्त्र मंदिर का चमत्कार

ये मंदिर हिमाचल प्रदेश के मंडी जिले में ब्यास नदी और सुकेती खड्ड के किनारे स्थित है. मौजूदा समय में आई बाढ़ ने इस मंदिर के बगल में सुकेती खड्ड पर बने विक्टोरिया ब्रिज को भी लील लिया है, लेकिन ये मंदिर जस के तस खड़ा हुआ है. कहा जाता है कि ये मंदिर 300 साल से ज़्यादा पुराना है. इस मंदिर में शिव की पंचमुखी प्रतिमा है, जिसके चलते इसे पंचवक्त्र मंदिर नाम दिया गया है.

हर साल हो जाता है जलमग्न

ब्यास के किनारे बना ये मंदिर हर साल मानसून सीज़न में जलमग्न हो जाता है. हालांकि, ये पूरी तरह नहीं डूबता है. कहा जाता है कि इस मंदिर की स्थापना मंडी के शासक अजबर सेन ने की थी. मन मोहन की किताब ‘हिस्ट्री ऑफ द मंडी स्टेट’ में ज़िक्र है कि 1717 में ब्यास नदी में आई बाढ़ से मंदिर को नुकसान पहुंचा था और पंचमुखी शिव प्रतिमा बह गई थी. इसके बाद राजा सिद्ध सेन ने मंदिर का जीर्णोद्धार करवाकर नई प्रतिमा प्रतिष्ठित की.

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सोशल मीडिया पर लोग दे रहे रिएक्शन

इस मंदिर के वीडियोज़ सामने आने के बाद लोग इस पर तरह-तरह के रिएक्शन दे रहे हैं. कुछ लोग कह रहे हैं कि सरकार को मंदिर को टेक्नोलॉजी का यूज़ करके सेफ़गार्ड करके रखना चाहिए, क्योंकि ये काफ़ी पुराना है. वहीं, कुछ लोग इसे हमारे पूर्वजों की ताक़त बता रहे हैं. आइए देख लेते हैं लोगों के रिएक्शन.