प्रतिभा किसी उम्र को देख कर नहीं आती है, इस बात को साबित कर दिखाया है St Joseph's Boys High School, बेंगलुरु में पढ़ने वाले छात्रों ने. 12वीं क्लास में पढ़ने वाले इस स्कूल के छात्रों के एक समूह ने मिल कर एक ऐसी डिवाइस बनाई है, जिसकी मदद से आग को आसानी से बुझाया जा सकता है. इसके लिए इन्होंने ध्वनि तरंगों पर आधारित सिद्धांत का सृजन किया है. इन्होंने यह सफ़ल प्रयोग करके दिखाया है कि ध्वनि तरंगों की मदद से भी आग को बुझाया जा सकता है.

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इस डिवाइस को इन्होंने 'Infrasonic Fire Extinguisher' नाम दिया है. इस डिवाइस को बनाने की वजह से उन्हें नेशनल इनोवेशन चैलेंज में पहला स्थान प्राप्त हुआ है. यह प्रतियोगिता राष्ट्रीय स्तर पर युवाओं में नये-नये आइडियाज़ डवलप करवाने के लिए की जाती है. यह प्रतियोगिता मणिपाल यूनिवर्सिटी द्वारा आयोजित की जाती है. इस टीम को 'Teenovators of the Year' के ख़िताब से भी नवाज़ा गया. पूरी टीम को संयुक्त रूप से 5 लाख रुपये का नकद पुरष्कार दे कर भी सम्मानित किया गया.

इस टीम में Shivalik Poovaiah, Lloyd Lobo, Pranav KB, Aman Basawanal and Joshua Lewis हैं. इस प्रतियोगिता में हिस्सा लेने के लिए इनका सलेक्शन देरी से होने के बावजूद इन्होंने 3 हफ़्ते से कम समय में यह डिवाइस बना डाला.

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यह सिद्धांत पुश अवे मेथड पर काम करता है. ध्वनि तरंगे ऑक्सीजन के कणों को दूर-दूर आसानी से विस्थापित कर सकती हैं. ध्वनि तरंगे मैकेनिकल वेव्स होती है, इसलिए इनमें इतनी ऊर्जा होती है कि ये आसानी से ऑक्सीजन के कणों को अलग-अलग कर देती हैं. आग को जलने के लिए ऑक्सीजन की सप्लाई होना बहुत ज़रुरी है, बिना ऑक्सीजन की उपस्थिति के आग नहीं जल सकती है. ध्वनि तरंगों द्वारा ऑक्सीजन के मॉलिक्यूलस को तोड़ देने से आग पर काबू पाया जा सकता हैं.

मोबाइल, एक सिलिंडर, एम्पलीफायर और फंक्शन जनरेटर की मदद से बनाये गये इस डिवाइस का खर्च महज़ 4 हज़ार रुपये आया. इसमें इन्होंने 60 वॉट की बैटरी का यूज़ किया है. इसकी मदद से 40 Hz फ्रीक्वेंसी की वेव्स जनरेट की गई.

हमारे देश में बहुत कम ही रिसर्च का काम होता है, ऐसे में सरकार को ऐसी युवा प्रतिभाओं को आगे बढ़ाने के प्रयास करने चाहिए.

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