धोनी के ग्लव्स को लेकर BCCI और ICC के बीच हुई बातचीत का परिणाम सामने आ गया है. जिसका मतलब ये होगा कि धोनी अगले मैच में स्पेशल फ़ोर्सेस के सिंबल 'बलिदान' बैज वाले ग्लव्स नहीं पहन पाएंगे.

हुआ ये था कि वर्ल्ड कप में भारत-साउथ अफ़्रीका के मैच में धोनी ने स्पेशल फ़ोर्सेस के चिन्ह वाले ग्लव्स पहने थे, जिन पर बलिदान लिखा था. ICC ने जब ये नोट किया, तो उन्होंने BCCI से कहा कि इस तरह के ग्लव्स के लिए उनसे परमिशन क्यों नहीं ली गयी. BCCI ने कई तर्क देते हुए अपनी बात ICC के सामने रखी.

उसी समय ट्विटर पर #DhoniKeepTheGlove ट्रेंड होने लगा और हर कोई धोनी को ग्लव्स पहने रखने के लिए कहने लगा. यहां पर कई लोगों ने ICC के उस रूल की भी बात की, जिसके हिसाब से कोई भी प्लेयर मैच के दौरान ऐसा कोई इक्विपमेंट या ड्रेस नहीं पहन सकता, जिस पर कोई राजनीतिक, धार्मिक या फिर नस्लीय सन्देश हो. साथ ही प्लेयर्स की ड्रेस या इक्विपमेंट पर एक ही Logo मान्य है, जो कि उसे बनाने वाली कंपनी/ ब्रैंड का होगा.

इस बवाल में लोगों ने भारतीय सेना और देशभक्ति को भी जोड़ लिया था, जिसके बाद अब ICC की तरफ़ से 'फ़ाइनल नो' आ गया है.

भारतीय टीम के CoA, विनोद राय ने एक स्टेटमेंट देते हुए कहा,

भारतीय क्रिकेट बोर्ड नियमों का पालन करेगा और ICC के नियम मान्य होंगे. हालांकि दो-तीन दिनों पहले ख़ुद विनोद ने ही कहा था कि धोनी के ग्लव्स पर न तो कोई राजनीतिक या धार्मिक सिंबल था, इसलिए उन्होंने कोई रूल नहीं तोड़ा और इसीलिए इससे किसी को कोई आपत्ति नहीं होनी चाहिए. धोनी के ग्लव्स पर स्पेशल फ़ोर्सेस का चिन्ह था क्योंकि वो सिर्फ़ मेहरून कपड़े के ऊपर ही बन सकता है.