किसी-किसी परिवार का सिर्फ़ एक सदस्य ही नहीं, बल्कि पूरा परिवार ही टैलेंटेड होता है. मनोज गुप्ता, दिव्यांश गुप्ता और कृष्णिका इस बात का ताज़ा उदाहरण हैं. मनोज गुप्ता, दिव्यांश और कृष्णिका के पिता हैं. इन तीनों ने मिल कर वो कमाल कर दिखाया, जो ख़ुद में एक ऐतिहासिक बात है. 

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दरअसल, मॉस्को में आयोजित ‘इंटरनेशनल वुशु स्टार 2020’ में 24 भारतीयों ने हिस्सा लिया था. पर ये पिता, बेटा और बेटी की जोड़ी ने अपना ऐसा हुनर दिखाया कि तीनों ही गोल्ड मेडल हासिल करने में कामयाब रहे. एक ओर जहां 49 वर्षीय मनोज गुप्ता ने जर्मनी, रूस और फ़्रांस के खिलाड़ियों को हराकर गोल्ड मेडल जीता, तो वहीं दूसरी ओर दिव्यांश और कृष्णिका ने भी गोल्ड मेडल लेकर ही दम लिया. वहीं कृष्णिका ने एक दूसरी कैटेगिरी में सिल्वर मेडल भी हासिल किया है. 

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अन्य भारतीयों में वर्षा खरे ने एक स्वर्ण और तीन कांस्य पदक जीते, तो वहीं नम्रता बत्रा ने भी एक गोल्ड मेडल अपने नाम किया. रिपोर्ट के मुताबिक, मनोज भारतीय वुशु टीम के कोच भी हैं. मनोज के प्रशिक्षण में अब तक भारत राष्ट्रीय स्तर पर 2000 मेडल जीत चुका है और इंटरनेशनल लेवल पर लगभग 200. 

वाकई इस पिता, पुत्र और पुत्री की जोड़ी ने जो किया प्रेरणादायक और सम्मानजनक है. एक ही परिवार में इतने टैलेंटेड लोग होना ख़ुद में काफ़ी ख़ास है. 

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