Illegal to Die in Longyearbyen, Norway: ये दुनिया भी न बहुत अजीब है. ऐसा हम नहीं कह रहे हैं, बल्कि नॉर्वे (Norway) के एक छोटे से शहर लॉन्गइयरबेन (Longyearbyen) के बारे में पूरी दुनिया कह रही है. हर इंसान को ज़िंदगी में कभी न कभी मौत का सामना करना पड़ता है, लेकिन नार्वे के इस शहर ने मानों मौत पर विजय पा ली है! ये सुनने के बाद आपको एक पल के लिए हैरानी तो ज़रूर होगी, लेकिन ये सौ फ़ीसदी सच है.

ये भी पढ़ें- 1 करोड़ रुपये में बिक रहा है दुनिया का सबसे 'गंदा' घर, हालत देखकर इसे कोई 'हिम्‍मतवाला' ही ख़रीदेगा

Longyearbyen,Norway
Source: uarctic

कहते हैं कि 'जन्म और मृत्यु' पर किसी का वश नहीं है, लेकिन नॉर्वे के Spitsbergen Island में स्थित लॉन्गइयरबेन सिटी ने लोगों के मरने पर ही 'बैन' लगा दिया है. बताया जाता है कि दुनिया के इस अनोखा शहर में पिछले 70 सालों से किसी भी इंसान की मौत नहीं हुई है. लेकिन इसके पीछे की वजह जानकर आप हैरान रह जायेंगे.

Is It Illegal to Die in Longyearbyen, Norway?
Source: mentalfloss

दरअसल, नॉर्वे के लॉन्गइयरबेन सिटी में साल भर मौसम बेहद ठंडा बना रहता है. ठंड के मौसम में तापमान इतना कम हो जाता है कि इंसान का ज़िंदा रह पाना भी मुश्किल हो जाता है. अगर किसी की मौत हो भी जाती है तो ठंड के चलते डेड बॉडी (Dead Body) कई सालों तक ऐसी की ऐसी पड़ी रहती है. कड़ाके की ठंड की वजह से न तो वो ग़लती है और न ही सड़ती है. इस वजह से शवों को नष्ट करने में सालों लग जाते हैं.

Is It Illegal to Die in Longyearbyen, Norway?
Source: earth

ये भी पढ़ें-  2021: ये हैं दुनिया के 10 सबसे प्रदूषण मुक्त शहर, यहां सांस लेने के लिए मिलती है सबसे शुद्ध हवा

आख़िर यहां मौत पर क्यों लगाया है.बैन 

कड़ाके की ठंड की वजह से लंबे समय तक शव नष्ट नहीं होने की वजह से लॉन्गइयरबेन सिटी प्रशासन को परेशानियों का सामना करना पड़ता है. शव सालों साल इसी तरह पड़े रहने से शहर में कोई ख़तरनाक बीमारी न फ़ैले इस वजह से यहां लोगों के मरने की इजाज़त नहीं है. अगर कोई इंसान गंभीर रूप से बीमार पड़ता भी है तो उसे दूसरे शहर में शिफ़्ट होने को कह दिया जाता है.

Is It Illegal to Die in Longyearbyen, Norway?
Source: architectural

दरअसल, वैज्ञानिकों ने कुछ साल पहले जब एक बॉडी पर शोध किया तो पाया कि साल 1917 में जिस शख्स की मौत इनफ्लुएंजा (Influenza) की वजह से हुई थी, उसके शरीर में इंनफ्लुएंजा के वायरस (Virus) जस के तस पड़े रहने से लोगों पर बिमारी का ख़तरा मंडराने लगा था. इसके बाद प्रशासन ने शहर में मौत पर पाबंदी लगा दी थी.

Is It Illegal to Die in Longyearbyen, Norway?
Source: visitsvalbard

आज अगर इस शहर में कोई व्यक्ति मरने की स्टेज पर होता है या किसी को कोई मेडिकल इमरजेंसी आती है तो उस व्यक्ति को हेलिकॉप्टर की मदद से देश के दूसरे शहर ले जाया जाता है. इस दौरान अगर उसकी मौत हो जाती है उसी शहर में उसका अंतिम संस्कार भी कर दिया जाता है. क़रीब 2000 लोगों की आबादी वाले इस शहर में अगर कोई व्यक्ति बीमार भी पड़ता है, तो उसे प्लेन या हेलीकॉपटर से तुरंत दूसरी जगह पर पहुंचा दिया जाता है.

ख़ुशकिस्मती से पिछले 70 सालों से लॉन्गइयरबेन शहर में किसी भी इंसान की मौत नहीं हुई है.

ये भी पढ़ें- दुनिया के वो अनोखे यातायात साधन, जो केवल इन 12 देशों में ही देखने को मिलेंगे