कहते हैं कि अनुभव का नाम ज़िंदगी है. हम कितने ही बड़े और समझदार क्यों न हो जाएं, फिर भी जाने-अनजाने में कुछ न कुछ ग़लती कर ही बैठते हैं. अब Résumé और CV को ही ले लीजिए. ज़्यादातर लोग इन दोनों चीज़ों को एक ही समझते हैं, लेकिन असल में दोनों में बहुत फ़र्क होता है. जॉब के लिए जब प्रोफ़ाइल अपडेट करने की बात आती है, तो हम ख़ुद से जुड़ी Information, जैसे जन्मतिथि, जन्म स्थान, मैरिटल स्टेटस, काम का Experience, पढ़ाई जैसी तमाम जानकारियां Résumé और CV के रूप में लोगों के सामने पेश करते हैं.

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Résumé और CV, दोनों ही जॉब के लिए Apply करते हुए Companies को भेजे जाते हैं. फिर दोनों में क्या फ़र्क है? फ़र्क है भी या नहीं?

Résumé और CV में क्या अंतर है?

पहली बात, Résumé और CV दोनों एक ही चीज़ के दो नाम नहीं हैं. Résumé का इस्तेमाल तब किया जाता है, जब आपके पास स्कूल और कॉलेज की डिग्री के अलावा और किसी काम का अनुभव न हो. वहीं जब हम किसी के सामने अपना CV रखते हैं, तो इसका मतलब ये है कि आप पढ़ाई पूरी कर किसी कंपनी में काम करने का अनुभव ले चुके हैं.

Résumé में आपके पास निजी ज़िंदगी के अलावा बताने के लिए ज़्यादा कुछ ख़ास नहीं होता. इसीलिए ये 1 या फिर 2 पेज से अधिक लंबा नहीं होना चाहिए. Résumé बनाते वक़्त फ़्रेशर को याद रखना चाहिए कि वो कम शब्दों में ख़ुद से जुड़ी जानकारी को बेहतरीन तरीके से पेश करे.

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वहीं CV में आपके पास निजी ज़िंदगी के साथ-साथ अपने प्रोफ़ेशनल करियर के बारे में बताने के लिए बहुत कुछ होता है. जैसे कि आप किस कंपनी में क्या और कब से काम कर रहे हैं. साथ ही इसमें आप अपने अचीवमेंट भी Mention कर सकते हैं. इसीलिए CV 2 से अधिक पेज का होता है. हां इस बात का ध्यान रहे कि CV इतना अधिक लंबा न हो कि Interviewer पढ़ते-पढ़ते बोर हो जाए.

समझ गए न कि Résumé का यूज़ फ़्रेशर और CV का इस्तेमाल अनुभवी लोगों के लिए किया जाता है? बाकि नई जॉब के लिए All The Best और हां, जानकारी अच्छी है, इसे शेयर ज़रूर करें.

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