देश के पहले प्रधानमंत्री, जवाहरलाल नेहरू ने देश की आज़ादी में अहम भूमिका निभाई थी. बच्चे उन्हें प्यार से चाचा नेहरू कहकर बुलाते थे. उन्हें बच्चों से इतना लगाव था कि उनके जन्मदिन को देशभर में 'बाल दिवस' के रूप में मनाया जाता है.

नेहरू की जितनी भी पुरानी तस्वीरें देख लो, तो लगभग सभी तस्वीरों में एक चीज़ कॉमन दिखती, है वो है लाल गुलाब. नेहरू जो लाल गुलाब से विशेष लगाव था. इतिहासकारों के अनुसार, इंदिरा गांधी की दिनचर्या का अहम काम था, अपने पिताजी के लिए बाग का सबसे गहरा लाल गुलाब तोड़ना.

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लाल गुलाब नेहरू जी के परिवार के लिए एक महत्वपूर्ण चिह्न बन गया. 50 के दशक में नेहरू के समर्थक, 'लाल गुलाब ज़िन्दाबाद' के नारे भी लगाया करते थे.

अब सवाल ये है कि नेहरू जी को लाल गुलाब से ये विशेष प्रेम कैसे हो गया? इंटरनेट की ख़ाक छानने पर इस सवाल के विभिन्न जवाब मिलते हैं.

1. एक बच्ची ने उनके कोट पर सबसे पहले लगाया था लाल गुलाब

एक तथ्य के अनुसार, 1938 के आस-पास एक जलसे में एक बच्ची ने अपने चाचा नेहरू के कोट पर लाल गुलाब लगा दिया था. ऐसा कहा जाता है कि चाचा नेहरू ने बच्चों और लाल गुलाब की तुलना की और कहा कि बच्चे बगिया की कलियों के जैसे ही होते हैं. उन्हें प्रेम से, स्नेह से बड़ा करना पड़ता है क्योंकि वे ही देश का भविष्य होते हैं.

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2. स्वर्गवासी पत्नी की याद में लगाते थे लाल गुलाब

M.G.Agarwal की किताब Freedom Fighters of India भाग-2 के अनुसार नेहरू ने अपनी स्वर्गवासी पत्नी के सम्मान में लाल गुलाब लगाना शुरू किया.

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3. साक्षात्कारों में सवाल का दिया अलग-अलग जवाब

नेहरू जी से अलग-अलग साक्षात्कारों में भी लाल गुलाब लगाने का कारण पूछा गया. जिसके नेहरू जी ने भी अलग-अलग जवाब दिये. राम नारायण चौधरी को दिए इंटर्व्यू में उन्होंने कहा कि वो ऐसे ही लाल गुलाब लगाते हैं.

वहीं 'The Ladies Home Journal' के सह-संपादक Bruce और Beatrice Gould ने जब ये सवाल पूछा, तब नेहरू जी ने कहा कि लाल गुलाब 'चंचलता' का सूचक है. गंभीर मसलों के बीच हल्की चीज़ें भी याद करना ज़रूरी है.

विभिन्न नेताओं का विभिन्न चीज़ों के प्रति विशेष लगाव रहा है. गांधी जी का ख़ादी प्रेम, चर्चिल का सिगार के प्रति प्रेम.

नेहरू जी को भी लाल गुलाब पसंद था, गहरा लाल गुलाब.

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