हिंदुस्तान में महिलाओं को हर मोड़ पर ख़ुद को साबित करना पड़ता है. बेटी, बहु, पत्नी और मां बन कर न जाने वो अपनी कितनी इच्छाओं को मार देती हैं. हांलाकि, अगर एक महिला के अंदर की शक्ति जाग जाए, तो वो सारे रिश्ते निभाने के साथ-साथ अपने सपनों की उड़ान भी भर लेती है. 

रितु राठी तनेजा भी उन्हीं महिलाओं में से एक हैं. रितु अपनी कामयाबी की वजह से इंटरनेट पर ख़ूब सुर्खियां बटोर रही हैं. रितु एक मां हैं, यूट्यूबर हैं और पेशे से पायलट भी. रितु की इसी कामयाबी और हुनर की वजह से चारों ओर उनकी ख़ूब तारीफ़ हो रही है. हांलाकि, रितु के लिये एक साथ सब इतना कुछ हासिल करना आसान नहीं था. 

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“It wasn’t easy being ambitious in a society where people thought, ‘Ladkiyan bojh hain.’ Relatives thought I should get married before I got ‘too educated’. But my parents worked hard to send us to school, despite papa’s only income being the money he earned as a contractor. I was a skilled bike rider too, so when a friend suggested I become a pilot, it appealed to me. So I applied to programs in the US & 8 months in, I heard back. I was ecstatic, but I knew papa was scared to send me alone. I told him, ‘Papa, spend the money you’d use for my wedding, on my training–I’ll make you proud.’ He agreed, but our relatives said, ‘She’ll go abroad & do things with boys, get her married before she’s fully ruined’. We turned a blind eye to them & I was off on my first flight ever, knowing that it’d be the first of many flights to come. I trained for 1.5 years & went home after. But I struggled to get a job since there were no vacancies. Relatives said to papa, ‘We told you this would happen’. Matters worsened when mom got a haemorrhage & passed away. Dad was miserable–he’d cry all the time & barely slept. We were surviving on loans & I knew I had to step up–so over the next 2 years, I did a side job, studied for 7 hours a day & barely slept to ace my applications. Finally, I got an offer from an airline to be the co-pilot! I was elated–we celebrated with my favourite burger & cold coffee. Then papa & I went to the temple to pray. For the next 4 years, I flew about 60 flights a month & was eventually promoted to Captain. Sitting on the Captain’s seat was my ‘Apna time aa gaya’ moment. During this time, I met my husband who’s also a pilot. We’ve grown into a happy family with our 2 year old daughter–we even vlog our journey of being a hustling couple! I’ve gone from feeling guilty about spending on a movie & snack to being a Captain whilst raising our daughter. It’s no cakewalk, but we’re still doing it. And I know I’ve made papa proud when I hear him tell the same relatives, ‘Meri beti Captain hai!’ But what makes me proudest is that I’m not even just that–I’m a Captain, a vlogger, a wife & a mom. And I won’t allow anyone to set limits on what I can be.”

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हाल ही में उन्होंने 'ह्यूमन्स ऑफ़ बॉम्बे' को दिये इंटरव्यू में अपनी कहानी साझा की. रितु कहती हैं कि उस समाज में महत्वाकांक्षी होना आसान नहीं है, जहां लड़कियों को बोझ समझा जाता है. रितु कहती हैं कि उन्होंने एक दोस्त कहने पर अमेरिका में पायलट ट्रनिंग प्रोग्राम के लिये आवेदन किया था. वहीं उनके पापा उन्हें अकेले अमेरिका भेजने से डर रहे थे. रितु ने अपने पापा को समझाया और कहा कि जो पैसा वो उनकी शादी में खर्च करेंगे. उसी पैसों से उन्हें अमेरिका भेज दिया जाए. इसके साथ ये भी कहा कि वो उन्हें गर्व महसूस कराएंगी. 

कुछ रिश्तेदारों के विरोध के बावजूद रितु के पापा ने उन्हें अमेरिका भेज दिया. पर जब वो वापस आईं, तो उन्हें नौकरी नहीं मिली. इसके साथ ही उसी साल उनकी मां को ब्रेन हैमरेज हो गया और उनकी मृत्यु हो गई. ज़िंदगी के कठिन हालातों में भी रितु ने अपना संघर्ष जारी रखा और आखिरकार एक दिन उन्हें एयरलाइन से को-पायलट बनने का ऑफ़र आ गया. को-पायलट बनने के बाद भी रितु ने मेहनत जारी रखी और वो कैप्टन बन गईं. 

रितु कहती हैं कि जॉब के दौरान ही उन्हें उनका हमसफ़र मिला और एक-दूसरे को जानने के बाद दोनों ने शादी कर ली. अब वो दो साल की बेटी की मां भी हैं. 

कोशिश करते रहना चाहिये, सपने सच होते हैं. 

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