दुनिया के दूसरे सबसे बड़े बरगद के पेड़ का अस्तित्व संकट में हैं. दरअसल, तेलंगाना के महबूबनगर ज़िले के पिल्लामर्री में स्थित 700 साल पुराने पेड़ के जीवन पर ख़तरा मंडरा रहा है. दुनियाभर में मशहूर इस पेड़ को जीवित रखने के काफ़ी प्रयत्न किये जा रहे हैं, जिसके चलते सलाइन ड्रिप भी चढ़ाई जा रही है.

रिपोर्ट के अनुसार, दीमक की वजह से पेड़ दिन पर दिन खोखला होता जा रहा है. इतना ही नहीं, इसी के चलते पेड़ का कुछ हिस्सा गिर भी चुका है और 2017 के बाद से यहां पर्यटकों के आने पर पाबंदी लगा दी गई है. वहीं पेड़ से दीमक ख़त्म करने और उसे बचाने के लिए इंजेक्शन से डाईल्यूटेड केमिकल्स दिये जा रहे हैं.

बताया जा रहा है कि पेड़ पर कीटनाशक दवाओं से भरी सैकड़ों बोतलें लटकाई गई हैं, ताकि शाख़ाओं और तनों में केमिकल पहुंचाया जा सके. तीन एकड़ की ज़मीन पर फैले इस पेड़ को सुरक्षित रखने के लिए, उसे पाइप्स और पिलर्स का सपोर्ट भी दिया गया है. साथ ही आस-पास कंक्रीट का स्ट्रक्चर भी तैयार किया गया है.

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माना जाता है कि ये दुनिया का दूसरा सबसे विशालकाय पेड़ है. इसकी तस्वीर देख मानो ऐसा लग रहा है, जैसे अस्पताल में किसी मरीज का इलाज किया जा रहा हो. ज़िलाधिकारी रोनाल्ड रॉस व्यक्तिगत तौर पर इसकी निगरानी कर रहे हैं. मीडिया रिपोर्ट्स की मानें, तो फ़िलहाल इसकी हालत अभी स्थिर है.

हम भी यही आशा करते हैं जल्द से जल्द पेड़ पर आया सकंट ख़त्म हो जाये और वो पहले की तरह अपनी पुरानी स्थिति में वापस आ जाये, क्योंकि ये हम सबके के लिए काफ़ी महत्वपूर्ण है.

Source : ZeeNews

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