भारत में है ‘जिन्ना’ के दादा ‘पुंजाभाई ठक्कर’ का घर, जानिए अब कौन रहता है उस घर में

Nripendra

Jinnah Grandfather House in Gujarat in Hindi: पाकिस्तान के क़ायद-ए-आज़म जिन्ना भारत के टुकड़े कर एक नए मुल्क पाकिस्तान बनाने में सफल रहे, लेकिन वो अपनी कई बेशक़ीमती चीज़ें पाकिस्तान न ले जा सके, जिसमें उनका मुंबई का ‘मलाबार हिल्स’ वाला बंगला, उनकी प्यारी बेटी दीना (जिन्होंने भारतीय उद्यमी नेविल वाडिया से शादी की) और अपनी प्यारी पत्नी रत्तनबाई शामिल भी शामिल हैं. पत्नी रत्तनबाई की मृत्यु कैंसर से हो हुई थी.

जिन्ना के इतिहास पर गौर करें, तो पता चलेगा कि मोहम्मद अली जिन्ना और महात्मा गांधी सौराष्ट्र के काठियावाड़ के रहने वाले थे. वहीं, गुजरात में जिन्ना के दादा का घर (Where is Jinnah House in India) आज भी मौजूद है, लेकिन वहां जिन्ना के परिवार का कोई नहीं रहता है.

आइये, हमारे इस ख़ास लेख में जानिए गुजरात में मौजूद जिन्ना के दादाजी के घर (Jinnah Grandfather House in Gujarat in Hindi) और उस घर के वर्तमान मालिक के बारे में. 

गुजराती थे जिन्ना 

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History of Jinnah Family in Hindi: महात्मा गांधी की तरह मोहम्मद अली जिन्ना भी एक काठियावाड़ी थे. महात्मा गांधी का जन्म पोरबंदर में हुआ था. वहीं, जिन्ना के माता-पिता का घर राजकोट के पानेली मोटी गांव में था. दोनों की शादी बहुत ही कम उम्र में करा दी गई थी. महात्मा गांधी की 13 वर्ष में, तो जिन्ना की 16 वर्ष में. 

ऐसा कहा जाता है कि दोनों की शादी इसलिए कम उम्र में कराई गई कि दोनों के माता-पिता को डर था कि कहीं दोनों विदेश जाकर किसी विदेशी लड़की से न शादी कर लें. 

जिन्ना का पुश्तैनी घर 

महात्मा गांधी का घर म्यूज़ियम बना दिया गया है, लेकिन जिन्ना के दादा के घर में आज भी कोई रहता है, लेकिन कौन? भारत के पूर्व विदेश मंत्री की लिखी किताब Jinnah: India, Partition, Independence से पता चलता है कि जिन्ना के दादा का नाम पुंजाभाई ठक्कर था और उनके तीन बेटे थे. पहले का नाम वलजीभाई, दूसरे का नाम नथुभाई और तीसरे का नाम जेनाभाई था. उनकी एक बेटी भी थी, जिनका नाम था मानबाई. सब रोजकोट के पानेली गांव में रहा करते थे. किताब ये भी बताती है कि उनका परिवार एक खोजा मुस्लिम था. खोजा, वोहरा मुस्लिम की तरह ही होते हैं, जो व्यापारी होते हैं और ये दूसरों की संस्कृति को बहुत ही जल्द अपना लेते हैं. 

जिन्ना के पिता थे जेनाभाई (Jinnah Father Name in Hindi) पुंजा, जो पानेली गांव छोड़ पास के ही गोंदल में शिफ़्ट हो गए थे. 

जिन्ना का गांव 

Jinnah Grandfather House in Gujarat in Hindi: राजकोट का पानेली मोटी गांव जिन्ना के गांव के रूप में जाना जाता है. वहीं, इस गांव का बच्चा भी आपको वो घर आसानी से दिखा देगा जहां कभी जिन्ना का परिवार रहा करता था. 

ये गांव बाकी गांवों से थोड़ा अलग है. यहां गांव के अंदर ही बैंक है, शहरों की तरह बड़ी-बड़ी दुकानें हैं और गांव की सड़के इतनी चौड़ी हैं कि ट्रक भी अंदर आसानी से चले जाते हैं. 

इस गांव की आबादी क़रीब 13 हज़ार होगी और वर्तमान में यहां खोजा मुस्लिम के 5-6 परिवार रहते हैं. 

110 साल पुराना जिन्ना का घर 

जिन्ना का घर क़रीब 110 साल पुराना है और ये दो मंज़िला है. पहली मंज़िल में दो कमरे हैं और एक रसोई है और दूसरी मंज़िल में भी दो कमरे और एक रसोई है. 

कौन रहता है जिन्ना के पुश्तैनी घर में 

BBC के अनुसार, वर्तमान में जिन्ना के पुश्तैनी घर में प्रवीण भाई रहते हैं. जो पटेल जाति से संबंध रखते हैं. इस घर में प्रवीण भाई के साथ उनकी 70 वर्षीय माता नंदू बेन भी रहती हैं.  

प्रवीण भाई को ये बात अच्छी नहीं लगती है कि कोई भी उनके घर आज धमकता है और पूछताछ करने लगता है. यहां पत्रकार के साथ-साथ जिला अधिकारी व नेता भी आ जाते हैं. वो कहते हैं कि मैं इस घर से परेशान हो गया हूं. 

वहीं, प्रवीण भाई की माता बताती हैं कि वो शादी के बाद यहीं इसी घर में आई थीं. उन्हें उनकी सास ने बताया था कि ये घर जिन्ना का था. 

बेचना चाहते हैं घर  

Jinnah Grandfather House in Gujarat in Hindi: प्रवीण भाई पोकिया कहते हैं कि, “जब मैं स्कूल में पढ़ता था, तो मुझे लोग कहते थे कि मेरा घर जिन्ना का है. मेरे दादा भी यही कहते थे कि ये घर जिन्ना के दादा का है. इस घर की पहचान जिन्ना के नाम से ही होती है और मैं अब परेशान हो चुका हूं, क्योंकि यहां कोई भी आ जाता है.” प्रवीण आगे बताते हैं कि वो ये घर बेचना चाहते हैं. 

क्या जिन्ना का परिवार हिन्दू था?  

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पानेली मोटी गांव के 70 वर्षीय किरण भिमाज्यानी बताते हैं कि जिन्ना का परिवार (Jinnah Family Tree) लोहाना ठक्कर जाति से संबंध रखता था, जिन्होंने बाद में इस्लाम धर्म अपना लिया. वो आगे कहते हैं कि उनके दादा जी बताते थे कि पुंजाभाई ने मछली का व्यापार शुरू किया था, जिस वजह से लोहाना जाति ने उनका बहिष्कार कर दिया और फिर उनके परिवार ने इस्लाम अपना लिया था. इनका परिवार खोजा मुस्लिम बन गया. 

वहीं, डॉ. हरी देसाई (Director of Chimanbhai Patel Institute) का कहना है कि जिन्ना का परिवार (Muhammad Ali Jinnah Grandfather Religion) हिन्दू था, लेकिन मछली के व्यापार की वजह से पुंजाभाई का बहिष्कार हुआ और फिर परिवार को इस्लाम धर्म अपनाना पड़ा. 

वहीं, बाद में वो हिन्दू बनना चाहते है, लेकिन लोगों को ये स्वीकार न था. बाद में जिन्ना (Is Jinnah Was Hindu?) के पिता जेनाभाई कराची व्यापार के लिए चले गए. वहीं, मोहम्मद अली जेनाभाई ने अपने नाम में जेनाभाई को जिन्ना कर लिया. वहीं, वो आगे बताते हैं कि जिन्ना लंदन पढ़ाई के लिए नहीं बल्कि बिज़नेस के लिए गए थे और फिर उन्होंने वहां से वकालत की पढ़ाई की.  

ये भी पढ़ें: क़िस्सा : जानिए जब हमेशा-हमेशा के लिए जिन्ना ने भारत छोड़ा, तो कैसा था भारत में उनका आख़िरी दिन

कराची में हुआ जिन्ना का जन्म

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Jinnah Grandfather House in Gujarat in Hindi: जिन्ना का जन्म कराची में हुआ. उनके पिता जेनाभाई व्यापार के लिए कराची आ गए थे. वहां उनका बिज़नेस बढ़िया चला और आर्थिक फायदा हुआ. जब जिन्ना का जन्म हुआ, तो उनका नाम मोहम्मद अली जेनाभाई रखा गया, क्योंकि कराची में मुस्लिम परिवार ज़्यादा थे और उनको लगा कि अलर वो हिन्दू नाम रखते हैं, तो कुछ नुकसान हो सकता है. लेकिन, उन्होंने काठिवाड़ परंपरा को बनाए रखा और नाम के साथ पिता का नाम ज़रूर जोड़ा.

वहीं, जब 1892 जिन्ना लंदन कारोबार सीखने के लिए गए, तो वहां उन्होंने अपने नाम के जेनाभाई को जिन्ना कर दिया था.

जिन्ना के परिवार से जुड़ा दूसरा तर्क

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Jinnah Grandfather House in Gujarat in Hindi: अमेरिकी इतिहासकार Stanley Wolpert की किताब “जिन्ना ऑफ़ पाकिस्तान” के अनुसार, जिन्ना का परिवार ईरान से संबंध रखता था. किताब में उन्होंने बताया की जिन्ना का जन्म एक शिया खोजा मुस्लिम परिवार में हुआ था. वहीं, 10वीं से लेकर 16वीं शताब्दी में ईरान में हुए अत्याचार की वजह से कई खोजा परिवार पश्चिमी भारत सहित कई अन्य इलाक़ों में आ गए थे.

एक पाकिस्तानी लेखक की मानें, तो मोहम्मद अली जिन्ना के पूर्वज राजपूत थे और उनकी शादी काठियावाड़ के इस्माइली खोजा महिला से हुई थी.

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