ख़ुशक़िस्मत हैं वो लोग जिन्होंने आज़ादी से पहले और बाद वाला हिंदुस्तान देखा है. वरना हमने तो इतिहास के बारे में सब कुछ क़िताबों से ही जाना है. हांलाकि, इतिहास की बहुत सी चीज़ें हैं जो आपको किताबों के पन्नों में नहीं मिलेंगी. क्योंकि किताबों के चंद चैप्टर में पूरे इतिहास का वर्णन नहीं किया जा सकता है. इसलिये उन फ़ोटोग्राफ़र्स का शुक्रगुज़ार रहना चाहिये, जिन्होंने अपने कैमरे में इतिहासकाल के कुछ ऐतिहासक पल क़ैद कर लिये.  

आइये इसी बात पर इतिहास की कहानियों को बयां करने वाली कुछ दुर्लभ तस्वीरें देखते हैं: 

1. इंदिरा गांधी, चार्ली चैपलिन और जवाहरलाल नेहरू कुछ बातचीत करते हुए. फ़ोटो 1953 में Bürgenstock, Switzerland में ली गई थी. 

2. रवींद्रनाथ टैगोर और अल्बर्ट आइंस्टीन की ये तस्वीर 1920 की है.  

3. ये वो समय था जब ब्रिटिश पुलिस ने नेताजी सुभाष चंद्र बोस को गिरफ़्तार कर लिया था.  

4. अपनी पत्नी डॉ. सविता अम्बेडकर के साथ बैठे हुए डॉ बाबासाहेब अम्बेडकर. 

5. सिन्हा सदन से बाहर निकलते सर मौरिस ग्वेअर, रवींद्रनाथ टैगोर और सर्वपल्ली राधाकृष्णन की ये फ़ोटो किताबों में नहीं दिखेगी.  

6. 1930 की ये तस्वीर भगत सिंह, सुखदेव, राजगुरू और बाक़ी शहीद लोगों की मौत की सज़ा का पोस्टर है. 

7. 1942 में बर्लिन यात्रा के दौरान तानाशाह हिटलर से बातचीत करते नेताजी सुभाषचंद्र बोस.  

8. तस्वीर 1930 की है. सर सी. वी. रमन छात्रों को कुछ समझाते हुए. 

9. चांदनी चौक की सड़कों पर यात्रा करते डॉ. राजेंद्र प्रसाद. 

10. लॉर्ड माउंटबेटन की ये फ़ोटो 19 अगस्त 1947 की है. तस्वीर में आप जवाहरलाल नेहरू को स्वतंत्र भारत के पहले प्रधानमंत्री के रूप में शपथ लेते हुए देख सकते हैं.  

12. 1947 में जब भारत-पाकिस्तान का विभाजन हुआ, तो बुक लाइब्रेरी भी बंट गई.  

12. भारतीय सैनिकों से बात करता फ़्रांसीसी लड़का, फ़ोटो 1914 की है.  

13. तस्वीर में आप 1858 में विद्रोही सिपाहियों के कंकाल अवशेषों को देख सकते हैं. ये दृश्य लखनऊ में सिकंदर बाग पैलेस का खंडहर का है.  

14. 9 दिसंबर 1946 को संविधान सभा का पहला दिन था. ये उसी का नज़ारा है.  

15. 1930 में बन कर तैयार हो रहा था हावड़ा ब्रिज. 

16. 1910 में युवराज कांतिरावा नरसिंहराजा वाडियार और युवरानी केम्पु चेलुवम्मनियावरु उर्स शादी के बंधन में बंधते हुए.  

17. 1890 दशक की ये तस्वीर बैंगलोर पैलेस की है.

18. 1925, दृश्य चेन्नई सेंट्रल रेलवे स्टेशन का है.

19. दार्जिलिंग हिमालयन रेलवे लाइन पर एक रेलवे इंजन की ये फ़ोटो 1880 में क्लिक की गई थी.  

20. ये नज़ारा द्वितीय विश्व युद्ध के दौरान का है.  

21. 1930 में कोलकाता में ऐसे कॉर्ट यूज़ किये जाते थे. 

22. 1870 की ये फ़ोटो जयपुर के एक गर्ल्स स्कूल की है. 

23. फ़ोटो 1930 की है.  

24. 1960 में झूले का आनंद लेते हुए वाराणसी के लोग. 

25. 1940 में द ग्रेट गामा और उनके भाई इमाम बक्श दिल्ली में लाल किले के सामने कुश्ती करते हुए.  

तस्वीरें देख कर कुछ पल के लिये इतिहासकाल में चले न. ये इतिहास के वो पल हैं जिन्हें हम सिर्फ़ और सिर्फ़ तस्वीरों में जी सकते हैं.