कोर्ट बनी हैं सबको इंसाफ़ देने के लिए. इसलिए किसी इंसान को कोर्ट में बुलाया जाए तो बिलकुल आम बात होती पर कभी सोचा है कि अगर जानवरों को कोर्ट बुलाये तो क्या होगा? सोचिये कोर्ट में जानवर अपने कागज़ लेकर वकीलों के पीछे भागें तो कैसे लगेंगे? 

मज़ाक से परे, क्या आप जानते हैं इतिहास में कई ऐसे मौके आये हैं जब जानवरों को भी कोर्ट में घसीटा गया है. आइये देखते हैं ऐसे 8 मौके जब जानवरों को कोर्ट में घसीटा गया.

1. सूअर 

इल्ज़ाम: एक बच्चे की हत्या का

सज़ा: फांसी 

साल 1494 में फ्रांस में एक सूअर के ख़िलाफ़ मुक़दमा चलाया गया था. सूअर पर इलज़ाम था कि उसने पालने में सो रहे बच्चे की हत्या कर दी. आसपास के कई लोगों ने बताया कि वो सुअर घर के भीतर घुसा और आराम से सो रहे बच्चे का गला घोंट दिया. सुअर को सज़ा के तौर पर फांसी दी गयी.

Pig par mukadama
Source: wikipedia

2. गधा 

इल्ज़ाम: एक इंसान के साथ सेक्स करना 

सज़ा: गधे को बरी कर दिया और और इंसान को फांसी दी गयी.

साल 1750 में फ्रांस के एक आदमी जैक्स फेरोन(Jacques Ferron) को एक Female गधे के साथ सेक्स करते हुए पकड़ा गया. कोर्ट में हुए ट्रायल में व्यक्ति को दोषी माना गया और फांसी की सजा सुनाई. उस वक़्त आम तौर पर जानवरों को भी सजा दी जाती थी मगर अदालत ने फ़ैसला किया कि जानवर पीड़ित थी और उसने अपनी मर्ज़ी से इस काम में भागीदारी नहीं दिखाई इसलिए उसे बरी कर दिया गया.

jaanvar par mukadama
Source: yesorbs

3. मुर्गा 

इल्ज़ाम: अंडे देने का 

सज़ा: ज़िंदा जलाया गया 

1474 में स्विट्जरलैंड में एक मुर्गे पर 'अंडा देने जैसे जघन्य अपराध' के लिए मुक़दमा चला था. वहां के लोगों को लग रहा था कि ये अंडे इसी मुर्गे ने दिए हैं, हालांकि सच्चाई क्या है कभी सामने नहीं आयी. मुर्गे को शैतान की साज़िश मानी गयी और कोर्ट तक लाया गया. वहां इसे ज़िंदा जला देने की सज़ा सुनाई गयी

Murge par mukadama
Source: independent

4. हाथी 

इल्ज़ाम: Handler को मारने का 

सज़ा: फांसी 

अमेरिका के टेनेसी में साल 1916 में एक सर्कस की हथिनी मैरी पर अपने Handler को मारने का आरोप लगा. इस आदमी का नाम रेड एल्ड्रिज(Red Eldridge) था. एल्ड्रिज का ये नौकरी का पहला दिन था. इससे पहले एल्ड्रिज ने हाथियों की परेड को संभाला था मगर मैरी पर चढ़ने का उसे अनुभव नहीं था.

एल्ड्रिज ऊपर चढ़ा और मैरी को भाले से चुभाया. गुस्साई हथिनी ने उसे नीचे पटका और कुचल दिया. आसपास अफ़रा-तफ़री मच गयी. 
इसके बाद लोगों ने हथिनी पर गोलियां दागी पर उसे असर नहीं हुआ इसलिए उसे 100 टन के क्रेन पर लटका दिया गया. मौत के बाद पता चला कि जिस जगह एल्ड्रिज ने उसे चुभाया था वहां हथिनी का दांत गंभीर रूप से संक्रमित था.

Haathi par mukadama
Source: allthatsinteresting

5. कीड़े

इल्ज़ाम: फ़सल बर्बाद करने का 

सज़ा: नहीं मालूम 

ये वाला सबसे ज़्यादा मज़ेदार है क्योंकि फ्रांस में 1587 में कीड़ों ने अंगूर की फ़सल बर्बाद कर दी. ये अंगूर चर्च में लगी अंगूर की 'पवित्र फ़सल' थी. इस वजह से कीड़ों के ख़िलाफ़ केस चला. ये केस 8 महीने लम्बा चला. फ़ैसला क्या रहा ये तो नहीं मालूम चल पाया मगर आसपास के लोग इतना इंतज़ार नहीं कर पाए और फसल को आगे बचा कर रखने के लिए सुरक्षा कर दी.

keedo par mukadama
Source: protechpestcontrol

6. चूहे 

इल्ज़ाम: जौ की फ़सल को बर्बाद करना 

सज़ा: बरी 

ये किस्सा फ्रांस में 1510 का है. जौ की फ़सल को बर्बाद करने के बाद चूहों को कोर्ट में बुलाया गया. चूहों का केस वकील बार्थोलोमेव चेसेनी (lawyer Bartholomew Chassenee) लड़ रहे थे जो जाने माने जानवरों के अधिकारों के रक्षक थे. कोर्ट में बुलाये जाने के बावजूद चूहे नहीं आये जिसपर चेसेनी ने तर्क दिया कि चूहे शायद इसलिए नहीं आये क्योंकि रास्ते में उन्हें बिल्ली और कुत्तों से खाये जाने का डर है. जान ख़तरे में हो तो इंसान भी कोर्ट ना आएं तो चूहों से क्यों उम्मीद की जा रही है.

परेशान जज ने मुकदमे को अनिश्चित काल के लिए स्थगित कर दिया.

chooho par chala mukadama
Source: bugzapperpestcontrol

7. बन्दर 

इल्ज़ाम: जासूसी करने का 

सज़ा: फांसी 

ये बात नेपोलियन युद्ध(1792-1815) के समय की है. ब्रिटेन और फ्रांस में लड़ाई चल रही थी. इसी  दौरान इंग्लैंड के हार्टलेपूल (Hartlepool) में फ्रांस की एक नाव बह कर आयी. तूफ़ान से बर्बाद हुई इस नाव में सिर्फ़ एक बन्दर ही ज़िंदा बचा था. फ्रांस की नाव में बन्दर मिलने से वहां हड़कंप मच गया और Beach में ही फ़ौरन स्थानीय लोगों ने उसका Trail लेना शुरू कर दिया. चूंकि बन्दर कुछ बोल नहीं सकता था इसलिए उसे दोषी माना गया और उसे वहीं पर फांसी दे दी गयी. हार्टलेपूल में रहने वाले लोगों को आज भी ‘Monkey Hangers’ कहा जाता है.

town of Hartlepool
Source: historic-uk

8. भालू 

इल्ज़ाम: शहद चुराने का 

सज़ा: राज्य को भरना पड़ा जुर्माना

ये घटना ज़्यादा पुरानी नहीं है. साल 2008 में यूरोप के एक देश Macedonia में भालू के ख़िलाफ़ मुकदमा चला था. भालू ने एक मधुमक्खी पालने वाले पर हमला कर दिया और शहद चुरा लिया. ये भालू संरक्षित प्रजाति में से एक था. कोर्ट में भालू को दोषी पाया गया मगर क्योंकि इसका कोई मालिक नहीं था इसलिए राज्य को £1,750 यानी क़रीब 1 लाख 80 हज़ार रुपये जुर्माने के तौर पर भरने पड़े.

Bhaalu par mukadama
Source: balkaninsight

ये थे ऐसे 8 मौके जब जानवरों को कोर्ट और क़ानून का पालन करना पड़ा. आपको सबसे अजीब कौन सा लगा हमें कमेंट करके ज़रूर बताइयेगा.