वर्तमान में दुनिया के अधिकतर देशों में किसी अपराधी को सज़ा देने का तरीका लगभग एक सा ही है. कोर्ट में आरोप सिद्ध होने के बाद आरोपी को जेल की सजा दी जाती है. ये कितने भी साल की सज़ा हो सकती है. जबकि जघन्य अपराध के मामले में आरोपी को फांसी की सज़ा दी जाती है. लेकिन सैकड़ों साल पहले ऐसा नहीं था. तब अपराधियों/दोषियों को मौत की सज़ा देने के लिए तरह-तरह की पद्धतियां अपनाई जाती थी.

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जानिए इतिहास में 9 ऐसी ही मौत की सज़ाओं के बारे में जिनका नाम सुनते ही अपराधियों की रुह कांप उठती थी- 

1- शरीर के अंगों पर हथौड़े से वार करना 

इसमें व्यक्ति को सीधे मुंह लिटाकर एक बड़े से पहिए से बांध दिया जाता था. इसके बाद उसके अंगों पर हथौड़े से वार किया जाता था. इस तरीके को तब तक जारी रखा जाता था जब तक उस व्यक्ति के सभी अंग टूट नहीं जाते और उसकी मौत नहीं हो जाती.

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2- खूंखार जानवरों के बीच छोड़ना 

सैकड़ों साल पहले रोम में इसाइयों के लिए ऐसी सजा मुकर्रर की जाती थी. इस दौरान राजा-महराजा अपने क़ैदियों को सज़ा देने के लिए यही तरीका अपनाते थे. इसमें क़ैदी को खूंखार जानवरों के बीच छोड़ दिया जाता था. क़ैदियों को या तो बाघों के बीच फ़ेंक दिया जाता था या फिर हाथी के पैर से कुचलवा कर मार दिया जाता था. 

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3- पिंजरे वाली मौत 

इसमें कैदी को एक ऐसे वर्टिकल पींजरे में क़ैद कर दिया जाता था. इसके बाद उस क़ैदी पर चारों तरफ़ से धारधार हथियार चुभाए जाते थे. इस पिंजरे में क़ैदी ख़ुद को बचाने की कोशिश तो करता, लेकिन बच नहीं पाता था. 

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4- उबालकर मारना 

16वीं शताब्दी तक एशिया और यूरोप के कुछ देशों में क़ैदियों को मौत की सज़ा देने के लिए इस भयानक तरीके को अपनाया जाता था. इसमें व्यक्ति को तब तक गर्म पानी या तेल में उबाला जाता था जब तक उसकी मौत न हो जाए. 

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5- सलीबी मौत 

इसमें व्यक्ति को पूरी तरह से नग्न कर दिया जाता था. इस दौरान जब तक उसके शरीर से खून न निकले तब तक उसे चाबूक से मारा जाता था. फिर क्रोस (क्रिश्चियन) पर बांध दिया जाता था और उसकी कलाई व एड़ियों में बड़े-बड़े कीलें ठोक दी जाती थीं. इससे अपराधी की मौत धीरे-धीरे हो जाती था. 

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6- अंगों के टुकड़े करना 

इसमें व्यक्ति को मौत की सजा देने के लिए उसके अंगों को बड़ी बेरहमी से काटा जाता था. उसकी मौत धीरे-धीरे हो इसलिए पहले शरीर के मांस को काटा जाता था, फिर शरीर के अंग निकाले जाते और अंत में धारधार हथियार से उसका गला रेत कर बेरहमी से हत्या कर दी जाती थी. इसमें आम तौर पर अंग काटने के दौरान ही व्यक्ति की मौत हो जाती थी.

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7- लटका कर मारना 

इसमें कई क़ैदियों को एक साथ बांधकर फांसी पर लटकाया जाता था. इसके बाद उनके अंगों के छोटे-छोटे टुकड़े किए जाते थे. इसमें दूसरा तरीका ये भी था कि क़ैदियों को लकड़ी के तख्ते पर बांधा जाता था और फिर घोड़ों के जरिए तब तक घसीटा जाता था जब तक कि उनकी मौत न हो जाए.

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8- गला घोंटकर मार डालना 

इसे श्वसन अवरोध तरीका भी कहते हैं. इसमें व्यक्ति को एक बड़े से खूंटे के पास बिठाकर रस्सी से उसके गले को बांध दिया जाता था. रस्सी को इस कदर दबाकर बांधा जाता था कि व्यक्ति का दम घुटने लगता और उसकी मौत हो जाती थी. 

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9- कारावास की सज़ा

इस सज़ा के बारे में तो सभी जानते ही होंगे, लेकिन सदियों पहले जेलों में भी बेहद दर्दनाक मौत दी जाती थी. इस दौरान अपराधी को एक ऐसी काल कोठरी में क़ैद कर दिया जाता था जहां उसे हवा, पानी और खाने से दूर रखा जाता था. ऐसे में वो अपराधी भूख-प्यास से तड़प कर मर जाता था.  

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आपकी नज़रों में इनमें से कौन सी सज़ा सबसे भयानक है?