एक पुरानी कहावत है कि जहां न पहुंचे रवि वहां पहुंचे कवि. आर्टिस्ट भी कुछ ऐसे ही होते हैं. अलहदा आईडिया को मूर्त देने में ये सबसे एक क़दम आगे रहते हैं. पेटिंग और आर्टवर्क साधारणतः म्यूज़ियम और प्रदर्शनी की चीज़ माने जाते हैं. लेकिन तब क्या हो जब आर्टवर्क इतना बड़ा हो कि काफ़ी ऊंचाई से ही दिखें.     

आर्ट की दुनिया में कई ऐसे लोग हुए हैं जिन्होंने आर्ट को छोटे कमरे से निकाल कर बाहर ले गए हैं, वो भी बड़े स्केल पर. चलिए डालते हैं एक नज़र उनके काम पर:   

1. पल भर के लिए रेत की कलाकृतियां

‘सैंडमैन’ के नाम से मशहूर ब्रिटिश कलाकार एंडी कुटांचे समुद्र के तट को अपना कैनवास बनाते हैं. चैनल द्वीप के बीच पर चलते चलते आपके पांव उनकी कलाकृति पर भी पड़ सकते है. उसे संपूर्णता में देखना हो तो ऊपर उठना होगा. कभी कभी तो पूरा होने से पहले ही लहरें इन्हें मिटा देती हैं.

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2. अंतरिक्ष से भी दिखेगा

जर्मन कलाकार लुत्सिउस जियरमन के लिए कैनवास दुनिया की कुछ चुनिंदा जगहें ही बनती हैं. इटली के शहर वेरोना में उन्होंने अनगिनत कार के शीशों का इस्तेमाल कर कुछ इस तरह अपनी कला की नुमाइश की. उनकी पहली ऐसी कला नामीबिया के रेगिस्तान में बनी थी, जिसे अंतरिक्ष से भी देखा जा सकता था.

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3. खेत में ओबामा

इटली के किसान दारियो गांबारिन ने साबित किया है कि कला किसी के भी भीतर से आ सकती है. खेती-किसानी के कामों के बीच समय निकाल कर वे अपने खेतों को ही कैनवास बना लेते हैं. अपने ट्रैक्टर से वे खेतों में चित्र बनाते हैं. जैसे कि यहां पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा.

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4. नज़र ना आए मॉडल

ब्रिटिश फोटोग्राफर जोसेफ फोर्ड अपने मॉडलों को किसी कला में ऐसे छिपाते हैं कि उन्हें अलग से देखना मुश्किल हो जाए. इस छत पर बनी विशाल ‘स्माइली’ में अपने मॉडल संगीतकार और डीजे, फैटबॉय स्लिम को छिपाने के लिए और पृष्ठभूमि में मिलाने के लिए उसी रंग का एक बहुत बड़ा स्वेटर पहनाया.

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5. स्नो आर्ट

ब्रिटिश कलाकार साइमन बेक जाड़ों में फ्रेंच आल्प्स में होते हैं. लेकिन स्की का आनंद उठाने नहीं बल्कि गहरी बर्फ में अपने स्नोबूट से कुछ कला रचने के लिए. फिर ऊपर से उसकी फोटो लेकर वे सोशल मीडिया पर शेयर करते हैं. एक बार उनकी कलाकृति फुटबॉल के तीन मैदान जितनी बड़ी थी. 

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कर हर मैदान फ़तेह!